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ईरान पर हमला करेगा अमेरिका? पेंटागन ने शक्तिशाली एयरक्राफ्ट कैरियर अब्राहम लिंकन किया तैनात!

ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने विमानवाहक पोत अब्राहम लिंकन को मध्य पूर्व भेजा है. इस कदम से संभावित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
ईरान पर हमला करेगा अमेरिका? पेंटागन ने शक्तिशाली एयरक्राफ्ट कैरियर अब्राहम लिंकन किया तैनात!
Courtesy: social media

नई दिल्ली: मध्य पूर्व में एक बार फिर हालात तनावपूर्ण होते नजर आ रहे हैं. अमेरिका ने अपने शक्तिशाली विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन को ईरान के नजदीक तैनात कर दिया है, जिससे सैन्य कार्रवाई की आशंकाएं गहराने लगी हैं. यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों को लेकर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ रहा है. वॉशिंगटन के इस सैन्य जमावड़े ने क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक राजनीति में हलचल पैदा कर दी है.

मध्य पूर्व में पहुंचा अमेरिकी विमानवाहक पोत

अमेरिकी नौसेना का अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप सोमवार को यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड के क्षेत्र में पहुंच गया. इसे पहले हिंद-प्रशांत क्षेत्र में तैनात किया गया था, लेकिन ईरान के साथ बढ़ते तनाव के कारण दिशा बदल दी गई. यह पहली बार है जब अक्टूबर के बाद कोई अमेरिकी विमानवाहक पोत मध्य पूर्वी जलक्षेत्र में देखा गया है.

जंगी जहाजों के साथ हुई तैनाती

यूएसएस अब्राहम लिंकन, जो परमाणु ऊर्जा से संचालित निमिट्ज़ श्रेणी का विमानवाहक पोत है, 19 जनवरी को मलक्का जलडमरूमध्य से होकर गुजरा. इसके साथ तीन गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर—यूएसएस फ्रैंक ई. पीटरसन जूनियर, यूएसएस स्प्रूअंस और यूएसएस माइकल मर्फी भी मौजूद थे. इन जहाजों की मौजूदगी से इस मिशन की सैन्य अहमियत साफ झलकती है.

ट्रंप ने ईरान पर दबाव से जोड़ा कदम

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस सैन्य तैनाती को ईरान पर दबाव की रणनीति से जोड़ा है. उन्होंने कहा कि यह कदम 'एहतियात के तौर पर' उठाया गया है. ट्रंप ने संकेत दिया कि अमेरिका अपनी सैन्य ताकत दिखाकर ईरान को चेतावनी देना चाहता है, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जरूरी नहीं कि इस ताकत का इस्तेमाल किया ही जाए.

पेंटागन ने बढ़ाई सैन्य मौजूदगी

अमेरिकी रक्षा विभाग ने विमानवाहक पोत के अलावा लड़ाकू विमानों और सैन्य कार्गो उड़ानों को भी क्षेत्र में भेजा है. इससे ईरान के आसपास अमेरिका की सैन्य मौजूदगी और मजबूत हो गई है. यह स्थिति पिछले साल की याद दिलाती है, जब ईरानी जवाबी हमले की आशंका के चलते पैट्रियट मिसाइल सिस्टम तैनात किए गए थे.

चेतावनी के साथ बातचीत का संकेत

अमेरिका ने एक ओर कड़ी चेतावनी दी है, तो दूसरी ओर बातचीत का रास्ता भी खुला रखने की बात कही है. एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि अगर ईरान बातचीत चाहता है, तो वह शर्तों से अच्छी तरह वाकिफ है. हालांकि ईरान की ओर से किसी नरमी के संकेत नहीं मिले हैं. क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियों के बीच किसी भी चूक के गंभीर परिणाम हो सकते हैं.