नई दिल्ली: बांग्लादेश में सत्ता बदलते ही पाकिस्तान ने अपनी चाल चलनी शुरू कर दी. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी यानी BNP के प्रमुख तारिक रहमान को ऑफिशियली पाकिस्तान आने का न्योता दिया. यह बात फोन पर बातचीत के बाद पता चली. तारिक रहमान प्रधानमंत्री बन सकते हैं.
हालांकि, प्रधानमंत्री बनने से पहले ही पाकिस्तान की तरफ से यह पहला न्योता है. शहबाज शरीफ ने तारिक रहमान को अपना भाई कहा. हालांकि, दोनों देशों के बीच नजदीकियां हमेशा भारत के लिए चिंता की बात रही हैं.
Extended my heartfelt felicitations to my brother Mr. Tarique Rahman, Chairman of Bangladesh Nationalist Party (BNP) during our warm and cordial telephone call this evening, following his party’s historic and resounding victory in the general elections.
— Shehbaz Sharif (@CMShehbaz) February 13, 2026
Pakistan looks forward to…
फोन पर बातचीत के बाद, शहबाज शरीफ ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया कि उन्होंने तारिक रहमान को चुनाव में जीत की बधाई दी और बांग्लादेश के साथ 'भाईचारे' वाले रिश्ते मजबूत करने की इच्छा जताई. शहबाज शरीफ पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया की विरासत का भी जिक्र किया और दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे रिश्तों को आगे बढ़ाने की बात कही.
BNP को हमेशा पाकिस्तान का समर्थक माना जाता रहा है. इसलिए डिप्लोमैटिक हलकों में पाकिस्तान के साथ इस रिश्ते को अहम माना जा रहा है. माना जा रहा है कि ढाका में नई सरकार बनने से पहले पाकिस्तान अपने रिश्तों में नई शुरुआत करना चाहता है.
पाकिस्तानी रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों नेताओं ने आपसी सहयोग बढ़ाने और रेगुलर संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई. तारिक रहमान ने भी शाहबाज शरीफ को बांग्लादेश आने का न्योता दिया है. यह डेवलपमेंट भारत के नजरिए से अहम है. शेख हसीना के कार्यकाल में भारत और बांग्लादेश ने सुरक्षा बॉर्डर मैनेजमेंट और काउंटरटेररिज्म के मुद्दों पर मिलकर काम किया. अब जब नई सरकार बनने वाली है, तो पाकिस्तान का तुरंत एक्टिव होना एक नई स्ट्रैटेजी के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है.
शेख हसीना के तख्तापलट के बाद से पाकिस्तान लगातार बांग्लादेश के साथ अपने रिश्ते बढ़ा रहा है. मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के दौरान, पाकिस्तानी मंत्रियों और जनरलों ने बांग्लादेश का दौरा किया. बांग्लादेश में पाकिस्तान का दखल भारत के लिए कभी भी अच्छा नहीं है.
पाकिस्तान बांग्लादेश के जरिए भारत की पूर्वी सीमा पर आतंकवाद को भी बढ़ावा दे सकता है. तारिक रहमान जहां भारत के साथ अच्छे रिश्तों की बात कर रहे हैं, वहीं BNP का झुकाव हमेशा से पाकिस्तान की तरफ रहा है. इसलिए उसकी जीत भारत के लिए चिंता की बात है.