menu-icon
India Daily

खामेनेई के अंतिम संस्कार में गूंजे ट्रंप और नेतन्याहू के खिलाफ नारे, तेहरान में बदले की मांग तेज

तेहरान में पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान भारी भीड़ ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया. समारोह में डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ तीखे नारे लगे, जबकि ईरान के शीर्ष नेताओं ने एक मंच पर आकर एकजुटता का संदेश दिया.

shanu
Edited By: Shanu Sharma
खामेनेई के अंतिम संस्कार में गूंजे ट्रंप और नेतन्याहू के खिलाफ नारे, तेहरान में बदले की मांग तेज
Courtesy: AI

ईरान की राजधानी तेहरान में पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान शोक का माहौल देखते ही देखते विरोध और आक्रोश के प्रदर्शन में बदल गया. ग्रैंड मोसाला प्रार्थना परिसर में आयोजित इस समारोह में लाखों लोगों की मौजूदगी के बीच अमेरिका और इजरायल के खिलाफ तीखे नारे लगाए गए. 

भीड़ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की. यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब दोनों देशों के बीच पहले से ही तनाव चरम पर बना हुआ है.

अंतिम संस्कार बना विरोध का मंच

अंतिम संस्कार में उमड़ा जनसैलाब ट्रंप के उस बयान से भी नाराज दिखाई दिया, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि अमेरिका चाहे तो ईरान के शीर्ष नेतृत्व को एक ही कार्रवाई में निशाना बना सकता था, लेकिन बातचीत की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए ऐसा नहीं किया गया. ट्रंप ने यह भी कहा था कि वाशिंगटन अब भी तेहरान के साथ संवाद के विकल्प खुले रखना चाहता है. इसके अलावा उन्होंने ईरान की आर्थिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि देश गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा है और समझौते की कोशिश कर रहा है. ट्रंप के इन बयानों को ईरान में व्यापक स्तर पर आलोचना का सामना करना पड़ा.

अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारे

ग्रैंड मोसाला प्रार्थना परिसर में आयोजित कार्यक्रम में ईरानी झंडों, लाल प्रतीकात्मक बैनरों और खामेनेई की तस्वीरों के साथ बड़ी संख्या में लोग पहुंचे. समारोह के दौरान अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारे लगाए गए. कई पोस्टरों और बैनरों पर भी विरोध से जुड़े संदेश लिखे गए थे. सभा को संबोधित करते हुए कवि मोहम्मद रसौली ने भावनात्मक कविता प्रस्तुत की, जिसमें बदले की भावना और प्रतिरोध का संदेश दिया गया. उनके संबोधन के दौरान मौजूद लोगों ने जोरदार समर्थन भी जताया. कार्यक्रम में मौजूद कई लोगों ने मीडिया से बातचीत में भी अमेरिका और इजरायल के प्रति अपना गुस्सा व्यक्त किया.

ईरान के शीर्ष नेतृत्व ने दिखाई एकजुटता

अंतिम संस्कार में राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर कालिबाफ, कुद्स फोर्स के कमांडर इस्माइल कानी समेत कई वरिष्ठ राजनीतिक और सैन्य अधिकारी मौजूद रहे. लंबे समय बाद ईरान का शीर्ष नेतृत्व सार्वजनिक रूप से एक मंच पर दिखाई दिया. विश्लेषकों का मानना है कि यह उपस्थिति मौजूदा हालात में देश के भीतर राजनीतिक और सैन्य एकजुटता का संदेश देने की कोशिश थी. हालांकि, खामेनेई के पुत्र मुजतबा खामेनेई इस समारोह में नजर नहीं आए, जिससे उनकी अनुपस्थिति को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गईं.