menu-icon
India Daily

पाकिस्तान हाईकोर्ट ने क्यों लगाई पंजाब सरकार को फटकार? शहीद भगत सिंह से जुड़ा है केस

Pakistan News: लाहौर हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार को शादमान चौक का नाम शहीद भगत सिंह के नाम पर बदलने का आदेश देने के लिए एक अंतिम अवसर दिया है. साल 2018 में अदालत ने इस पर आदेश दिया था, लेकिन सरकार ने अब तक इसका पालन नहीं किया.

India Daily Live
पाकिस्तान हाईकोर्ट ने क्यों लगाई पंजाब सरकार को फटकार? शहीद भगत सिंह से जुड़ा है केस
Courtesy: Social Media

Pakistan News: लाहौर में एक पाकिस्तानी अदालत ने शुक्रवार को पंजाब सरकार को एक अंतिम अवसर दिया है कि वह शादमान चौक का नाम शहीद भगत सिंह के नाम पर बदलने के आदेश पर प्रतिक्रिया दे. यह आदेश लाहौर हाई कोर्ट के जज शम्स महमूद मिर्जा ने दिया. 

भगत सिंह मेमोरियल फाउंडेशन पाकिस्तान की ओर से दायर की गई याचिका पर सुनवाई के दौरान, पंजाब के सहायक एग्जीक्यूटिव जनरल साद बिन गाजी ने अदालत से और समय मांगा. जज ने कहा कि पंजाब सरकार को मामले पर प्रतिक्रिया देने के लिए अंतिम मौका दिया गया है. याचिकाकर्ता के वकील एडवोकेट खालिद ज़मान खान काकर ने अदालत को बताया कि इस मामले में बहुत देरी हो चुकी है और इसे जल्दी सुलझाया जाना चाहिए. अदालत ने इस मामले की सुनवाई को फिलहाल 8 नवंबर तक के लिए स्थगित कर दिया.

अवमानना याचिका दायर की

फाउंडेशन के अध्यक्ष इम्तियाज राशिद कुरेशी ने सरकार के खिलाफ अवमानना याचिका दायर की थी क्योंकि सरकार ने शादमान चौक का नाम शहीद भगत सिंह के नाम पर नहीं बदला. कुरेशी ने कहा कि 2018 में लाहौर हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार को आदेश दिया था कि शादमान चौक जहां भगत सिंह को 1931 में फांसी दी गई थी, का नाम शहीद भगत सिंह के नाम पर रखा जाए. 

ताकि दुनिया को मिल सके प्रेरणा 

कुरेशी ने आरोप लगाया कि सरकार ने जानबूझकर अदालत के आदेश का पालन नहीं किया और इस प्रकार अवमानना की है. उन्होंने कहा कि न्याय के हित में शादमान चौक का नाम भगत सिंह के नाम पर रखा जाना चाहिए और चौक पर उनका स्टैच्यू लगाया जाना चाहिए ताकि पाकिस्तान और पूरी दुनिया को प्रेरणा मिल सके. शहीद भगत सिंह ने भारतीय स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया था. उन्हें  ब्रिटिश शासकों ने 23 मार्च 1931 को फांसी दी थी. भगत सिंह को भारतीय उपमहाद्वीप में सिखों और हिंदुओं के साथ-साथ मुसलमानों द्वारा भी सम्मानित किया जाता है.