नई दिल्ली: पूर्व टीवी पत्रकार येकातेरिना डंटसोवा को अगले साल होने वाले चुनाव में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के खिलाफ लड़ने से रोक दिया गया था. राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में उनके आवेदन में गलतियों के कारण उन्हें अयोग्य घोषित करारा दिया गया है. दंतसोवा को यूक्रेन युद्ध के मुखर विरोधी के तौर पर जाना जाता है.
चुनाव आयोग ने उनके आवेदन के तीन दिन बाद उनके फॉर्म में 100 गलतियों का हवाला देते हुए उनकी उम्मीदवारी को सर्वसम्मति से खारिज कर दिया. इस घटना के बाद सुश्री डंटसोवा ने कहा कि वह इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करेंगी, क्योंकि यह फैसला कानून पर आधारित नहीं है. रूस में राष्ट्रपति चुनाव मार्च 2024 में होगा. लगभग दो साल पहले राष्ट्रपति पुतिन की ओर से यूक्रेन पर आक्रमण शुरू करने के बाद रूस में पहला चुनाव है.
बीते दिनों येकातेरिना डंटसोवा ने कहा "मैंने यह निर्णय क्यों लिया? मैं अपने देश से प्यार करती हूं, मैं चाहती हूं कि रूस एक संपन्न लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण राज्य बने, लेकिन अभी हमारा देश बिल्कुल अलग दिशा में आगे बढ़ रहा है. मैं समझता हूं कि अभी कई लोग इसका इंतजार करना चाहते हैं. लेकिन हमें कार्रवाई करने की जरूरत है. आइए कम से कम कोशिश करें! आइए इस चुनाव को जीतने का प्रयास करें!"
दरअसल येकातेरिना डंटसोवा यूक्रेन के साथ युद्ध समाप्त करने के लिए एक मंच पर आना चाहती थीं. वह यूक्रेन में युद्ध समाप्त करने और राजनीतिक कैदियों को मुक्त करने को लेकर मुखर नजर आयी थी. आपको बता दें कि रूस के संविधान में 2020 में संशोधन किया गया, जिससे राष्ट्रपति पद का कार्यकाल चार से बढ़कर छह साल हो गया और पुतिन को उनके पिछले कार्यकाल को रद्द करके फिर से सत्ता में आने का मौका मिल गया. बीते दिनों येकातेरिना डंटसोवा ने घोषणा की थी कि वह राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ेगी. उस समय उन्होंने एक समाचार एजेंसी को दिये इंटरव्यू में कहा था कि यह कदम उठाने वाला कोई भी समझदार व्यक्ति डर जाएगा, लेकिन डर से जीत नहीं होती.