'पुरुष प्रेग्नेंट हो सकते हैं?' सवाल पर टकराव, US में भारतीय मूल की निशा वर्मा क्यों बनीं चर्चा का केंद्र?
अमेरिकी सीनेट की एक सुनवाई के दौरान भारतीय मूल की डॉक्टर निशा वर्मा का नाम सुर्खियों में आया. गर्भपात की गोली पर बहस के बीच उनसे पूछा गया सवाल और उनकी प्रतिक्रिया ने राजनीतिक टकराव को जन्म दिया.
नई दिल्ली: अमेरिका में गर्भपात को लेकर चल रही राजनीतिक और कानूनी बहस के बीच भारतीय मूल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर निशा वर्मा अचानक चर्चा के केंद्र में आ गई हैं. अमेरिकी सीनेट की HELP समिति की सुनवाई में जब उनसे एक विवादित सवाल पूछा गया, तो उनका जवाब और उसके बाद हुआ संवाद सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. इस घटना ने न सिर्फ गर्भपात कानूनों की बहस को तेज किया, बल्कि डॉक्टर वर्मा की पेशेवर पहचान को भी सामने रखा.
यह मामला उस समय सामने आया जब अमेरिकी सीनेट की हेल्थ, एजुकेशन, लेबर और पेंशन समिति में गर्भपात की गोली की सुरक्षा पर सुनवाई चल रही थी. इस दौरान रिपब्लिकन सीनेटर जोश हॉली ने डेमोक्रेटिक गवाह के तौर पर मौजूद डॉक्टर निशा वर्मा से सवाल किया कि क्या पुरुष गर्भवती हो सकते हैं. यह सवाल सुनवाई का सबसे तनावपूर्ण पल बन गया.
जवाब से बढ़ा टकराव
डॉ. निशा वर्मा ने सवाल का सीधा जवाब देने के बजाय कहा कि यह प्रश्न बेहद ध्रुवीकरण वाला है और वह समझ नहीं पा रही हैं कि इसका उद्देश्य क्या है. उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें सवाल की मंशा से असहमति है. इस पर सीनेटर हॉली ने पलटकर कहा कि वह केवल जैविक सच्चाई स्थापित करना चाहते हैं. दोनों के बीच कुछ देर तक तीखी बहस चली.
कौन हैं डॉ. निशा वर्मा?
निशा वर्मा भारतीय अप्रवासी परिवार में उत्तरी कैरोलिना में पैदा हुईं. उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ कैरोलिना से मेडिकल शिक्षा प्राप्त की. वह प्रमाणित प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं और जटिल फैमिली प्लानिंग की उपविशेषज्ञ भी हैं. उनके पास बायोलॉजी, एंथ्रोपोलॉजी और पब्लिक हेल्थ में अलग अलग डिग्रियां हैं.
पेशेवर भूमिका और शोध कार्य
वर्तमान में डॉ. वर्मा एमोरी यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन में एडजंक्ट असिस्टेंट प्रोफेसर हैं. वह जॉर्जिया और मैरीलैंड में क्लिनिकल सेवाएं भी देती हैं. उन्हें जॉर्जिया में छह हफ्ते के गर्भपात प्रतिबंध के प्रभावों पर शोध के लिए अनुदान मिला है, खासकर हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाले लोगों पर इसके असर को लेकर.
गर्भपात अधिकारों की मुखर आवाज
डॉ. वर्मा लंबे समय से गर्भपात प्रतिबंधों से होने वाले नुकसान को लेकर जागरूकता फैलाती रही हैं. वह कांग्रेस के सामने भी इस विषय पर गवाही दे चुकी हैं. इसके अलावा, उन्होंने देशभर में डॉक्टरों को गर्भपात पर वैज्ञानिक और संवेदनशील बातचीत के लिए प्रशिक्षित किया है. वह अमेरिकन कॉलेज ऑफ ऑब्स्टेट्रिशियंस एंड गायनेकोलॉजिस्ट्स के साथ भी काम कर चुकी हैं.
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