Nimisha Priya Case: भारतीय नागरिक निमिषा प्रिया की यमन में मौत की सजा अब भी बरकरार है. समाचार एजेंसी ANI ने सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया है कि कुछ लोगों द्वारा सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर जो जानकारियां साझा की जा रही हैं, वे भ्रामक और असत्य हैं.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, निमिषा प्रिया केस को लेकर कुछ व्यक्तियों द्वारा साझा की जा रही जानकारी गलत है. यमन में उनके खिलाफ जारी मौत की सजा को अभी तक रद्द नहीं किया गया है.
निमिषा प्रिया, जो कि एक भारतीय नर्स हैं, पर 2017 में यमन के एक नागरिक की हत्या का आरोप है. इस मामले में उन्हें स्थानीय अदालत ने दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई थी. इसके बाद से यह मामला भारत में भी संवेदनशील बन गया है, और सरकार तथा विभिन्न संगठनों द्वारा उनकी रिहाई या सजा में राहत के लिए प्रयास किए जा रहे हैं.
हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा था कि निमिषा प्रिया को यमन की अदालत से राहत मिल गई है और उनकी मौत की सजा रद्द कर दी गई है लेकिन अब सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऐसा कोई निर्णय नहीं हुआ है और कानूनी प्रक्रिया अभी भी जारी है.
सरकारी सूत्रों ने यह भी कहा कि भारत सरकार इस मामले पर लगातार नजर रखे हुए है और निमिषा की सुरक्षा, कानूनी सहायता और मानवीय आधार पर राहत दिलाने के प्रयास जारी हैं. हालांकि, यमन में मौजूदा अस्थिर हालात और भारत का वहां दूतावास न होना, प्रयासों में बड़ी बाधा बन रहा है.
निमिषा प्रिया की मां और कुछ सामाजिक संगठनों ने उनकी रिहाई के लिए यमन के परिवार से "ब्लड मनी" यानी मुआवजा देकर समझौते की भी बात कही थी, लेकिन फिलहाल ऐसा कोई अंतिम समाधान सामने नहीं आया है. सरकार ने जनता से अपील की है कि वे केवल प्रमाणिक स्रोतों से ही जानकारी लें और अफवाहों से दूर रहें. यह मामला बेहद संवेदनशील है और अनावश्यक भ्रामक जानकारी पीड़ित परिवार को मानसिक कष्ट पहुंचा सकती है.