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यमन: केरल की नर्स निमिषा प्रिया की मौज की सजा हुई रद्द

Nimisha Priya Case: यमन में हत्या के एक मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद मौत की सजा का सामना कर रही भारतीय नर्स निमिषा प्रिया को राहत मिल गई है. उनकी मौत की सजा अब स्थायी रूप से रद्द कर दी गई है.

Shilpa Shrivastava
यमन: केरल की नर्स निमिषा प्रिया की मौज की सजा हुई रद्द

Nimisha Priya Case: यमन में हत्या के एक मामले में केरल की नर्स निमिषा प्रिया को दोषी ठहराया गया था जिसके बाद उसे मौत की सजा सुनाई गई थी. लेकिन अब भारतीय नर्स निमिषा प्रिया को राहत मिल गई है. उनकी मौत की सजा को स्थायी तौर पर रद्द कर दिया गया है. इसकी जानकारी भारतीय ग्रैंड मुफ्ती, कंथापुरम, आंध्र प्रदेश अबू बकर मुस्लैयार के ऑफिस द्वारा शेयर की गई है. 

बता दें कि इससे पहले, यमन के अधिकारियों ने राजनयिक हस्तक्षेप के बाद प्रिया की फांसी स्थगित कर दी थी. ग्रैंड मुफ्ती कार्यालय का कहना है, "निमिषा प्रिया की मौत की सजा, जिसे पहले निलंबित कर दिया गया था, रद्द कर दी गई है. सना में हुई एक हाई-लेवल मीटिंग में पहले इसे अस्थायी तौर पर निलंबित किया गया और बाद में पूरी तरह से इस फैसले को रद्द कर दिया गया. भारत सरकार और ग्रैंड मुफ्ती अबू बकर अहमद समेत कई धार्मिक नेताओं ने इस मामले में हस्तक्षेप किया. 

कौन हैं शेख अबू बकर अहमद:

बता दें कि शेख अबू बकर अहमद एक प्रसिद्ध इस्लामी विद्वान हैं, जिन्हें शरिया कानून के ज्ञान के लिए सम्मानित भी किया गया है. हालांकि, भारत में ग्रैंड मुफ्ती की उापधि औपचारिक नहीं है, फिर भी उन्हें भारत के सुन्नी मुस्लिम समुदाय में एक अहम व्यक्ति माना जाता है. 

कौन हैं निमिषा प्रिया:

निमिषा एक मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मी थीं. इन्होंने अपनी नर्सिंग की पढ़ाई पूरी की. फिर यमन में नौकरी का अवसर पता चलते ही वो वहां चली गईं और एक एक सरकारी अस्पताल में काम करने लगीं. कुछ समय के लिए वो केरल लौटी थीं, जहां उनकी शादी एक ऑटो चालाक से हो गई. इसके बाद निमिषा और उनके पति यमन आ गए. लेकिन यहां पर आर्थिक तंगी और अशांति के कारण, प्रिया के पति अपनी बेटी के साथ भारत लौट आए.

इसके बाद निमिषा ने फैसला किया कि वो अपना खुद का मेडिकल क्लिनिक खोलेंगी. यमन के कानून के अनुसार, कोई विदेशी नागरिक तभी अपना बिजनेस चला सकता है, जब वो किसी स्थानीय नागरिक के साथ साझेदारी करें. इसके चलते उसने तलाल अब्दो महदी के साथ साझेदारी की. तलाल यमन नागरिक था और उसकी मुलाकात नर्स के तौर पर काम करते हुए हुई थी.

फिर 2015 में, उन्होंने साथ मिलकर एक क्लिनिक शुरू किया. लेकिन हालात तब बिगड़ने लगे जब महदी ने निमिषा के साथ दुर्व्यवहार और छेड़छाड़ शुरू की. महदी ने निमिषा की कुछ फोटोज चुरा लीं. साथ ही दावा किया कि वो शादीशुदा हैं. इसके बाद उसने क्लीनिक से आने वाली सारी कमाई अपने कब्जे में लेना शुरू कर दिया. साथ ही निमिषा का पासपोर्ट भी जब्त कर लिया. 

खबरों के अनुसार, निमिषा ने कथित तौर पर महदी को नशीली दवाओं का ओवरडोज दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई. इसके बाद उसने महदी के शरीर के टुकड़े-टुकड़े कर दिए और भागने की कोशिश की. भागने से पहले उसने महदी के अवशेषों को एक पानी की टंकी में छिपा दिया. लगभग एक महीने बाद उसे सऊदी अरब से लगी यमन की सीमा के पास गिरफ्तार कर लिया गया. इसके बाद 2024 में, निमिषा को महदी की हत्या के लिए मौत की सजा सुनाई गई.