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खामेनेई की मौत के बाद बेटे मोजतबा बने ईरान के नए सुप्रीम लीडर! क्या अब मिडिल ईस्ट में होगा बड़ा धमाका?

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की अमेरिका-इजरायल हमले में मौत के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को विशेषज्ञों की सभा ने नया सर्वोच्च नेता चुना है. यह 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद दूसरी बार नेतृत्व परिवर्तन हुआ है. आईआरजीसी के दबाव में हुआ फैसला.

@BabakTaghvaee1
Kuldeep Sharma

नई दिल्ली: तेहरान में इन दिनों बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिल रहा है. 37 साल तक ईरान पर शासन करने वाले अयातुल्लाह अली खामेनेई की 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में मौत हो गई. इस घटना के बाद देश में उत्तराधिकार को लेकर कई दिनों तक कयास लगाए जा रहे थे.

अब ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, विशेषज्ञों की सभा ने खामेनेई के बड़े बेटे मोजतबा खामेनेई को नया सर्वोच्च नेता चुन लिया है. यह फैसला ईरानी रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के दबाव में लिया गया. 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद यह सिर्फ दूसरी बार है जब इतने बड़े पद पर नया चेहरा आया है.

मोजतबा खामेनेई कौन हैं?

मोजतबा खामेनेई 56 साल के हैं और शिया धर्मगुरु के मध्यम स्तर के क्लेरिक हैं. वे ईरान-इराक युद्ध में सेना में शामिल रहे थे. हालांकि उन्होंने कभी कोई चुनावी या सरकारी पद नहीं संभाला, लेकिन पीछे से काफी प्रभाव रखते हैं. आईआरजीसी से उनके गहरे संबंध हैं. 2019 में अमेरिका ने उन पर प्रतिबंध लगाए थे, क्योंकि वे अपने पिता की ओर से काम करते थे. मशहद में 1969 में जन्मे मोजतबा ने बचपन में अपने पिता के शाह विरोधी आंदोलन को देखा.

पिता ने बेटे को नहीं चाहा था उत्तराधिकारी

खामेनेई ने पिछले साल उत्तराधिकारियों की संभावित सूची तैयार की थी, जिसमें मोजतबा का नाम नहीं था. शिया क्लेरिकल सिस्टम में पिता से बेटे को सत्ता सौंपना आमतौर पर पसंद नहीं किया जाता. कई लोग इसे परिवारवाद मानते हैं. फिर भी आईआरजीसी के मजबूत दबाव के कारण मोजतबा को चुन लिया गया. सर्वोच्च नेता के पास युद्ध, शांति और परमाणु कार्यक्रम जैसे बड़े फैसले लेने की पूरी शक्ति होती है.

खामेनेई की मौत और उसके बाद की स्थिति

28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के सटीक हमले में अली खामेनेई समेत उनके कई करीबी रिश्तेदार मारे गए. इस हमले ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया. ईरान ने जवाब में अमेरिका और इजरायल के ठिकानों पर मिसाइलें दागीं, जिनमें कुवैत, बहरीन, कतर, सऊदी अरब और यूएई भी शामिल हैं. ज्यादातर खाड़ी देशों ने ईरान की कार्रवाई की निंदा की और तनाव कम करने की अपील की.

अमेरिका की चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर तनाव बढ़ाया गया तो तेहरान पर और सख्त हमला हो सकता है. ईरान अब क्षेत्र में अमेरिकी और इजरायली ठिकानों को निशाना बनाने की तैयारी में है. यह स्थिति मध्य पूर्व में नए संघर्ष की आशंका पैदा कर रही है.