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India Daily

'ईरान के परमाणु कार्यक्रम का पुख्ता सबूत नहीं...', जंग के बीच IAEA प्रमुख का बड़ा बयान

वियना में IAEA बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक और प्रेस वार्ता के दौरान ग्रॉसी ने साफ किया कि अब तक की जांच में परमाणु हथियार निर्माण से जुड़ा कोई व्यवस्थित ढांचा सामने नहीं आया है.

Anuj
Edited By: Anuj
'ईरान के परमाणु कार्यक्रम का पुख्ता सबूत नहीं...', जंग के बीच IAEA प्रमुख का बड़ा बयान

नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी का बड़ा बयान सामने आया है. राफेल ग्रॉसी ने कहा कि एजेंसी को ईरान में परमाणु हथियार बनाने के लिए किसी संगठित या व्यवस्थित कार्यक्रम का पुख्ता सबूत नहीं मिला है.

यह बयान ऐसे समय आया है जब इजरायल और संयुक्त राज्य अमेरिका ईरान पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं. अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद से मिडिल ईस्ट में तनाव काफी बढ़ चुका है, जिसकी चपेट में कई देश आ चुके हैं.

राफेल ग्रॉसी का बड़ा बयान

वियना में IAEA बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक और प्रेस वार्ता के दौरान ग्रॉसी ने साफ किया कि अब तक की जांच में परमाणु हथियार निर्माण से जुड़ा कोई व्यवस्थित ढांचा सामने नहीं आया है. उन्होंने एक टीवी इंटरव्यू में भी दोहराया कि निरीक्षकों को किसी संरचित सैन्य परमाणु कार्यक्रम के संकेत नहीं मिले हैं. हालांकि, ग्रॉसी ने यह भी माना कि ईरान द्वारा 60 प्रतिशत तक यूरेनियम संवर्धन चिंता पैदा करता है. यह स्तर सामान्य नागरिक परमाणु ऊर्जा जरूरतों से अधिक माना जाता है.

संवर्धित यूरेनियम का पर्याप्त भंडार

IAEA की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के पास 60 प्रतिशत शुद्धता तक संवर्धित यूरेनियम का पर्याप्त भंडार है. विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इसे और अधिक संवर्धित किया जाए तो सैद्धांतिक रूप से हथियार बनाने की क्षमता विकसित हो सकती है. ग्रॉसी ने कहा कि एजेंसी ईरान की मंशा पर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाल रही, लेकिन इतनी बड़ी मात्रा में संवर्धित सामग्री का जमा होना गंभीर सवाल खड़े करता है.

ट्रंप ने सैन्य कार्रवाइयों को उचित ठहराया

ग्रॉसी का बयान अमेरिका और इजरायल के उन दावों से अलग है, जिनमें कहा गया है कि ईरान परमाणु हथियार क्षमता के करीब पहुंच चुका है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल की सैन्य कार्रवाइयों को इसी आधार पर उचित ठहराया है. वहीं, इजरायल ने भी अपने कदमों को सुरक्षा जरूरत बताया है. IAEA का ताजा रुख इस बहस को और जटिल बना रहा है, जहां आरोप और आधिकारिक आकलन अलग-अलग तस्वीर पेश कर रहे हैं.

डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा

जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है. अमेरिकी राष्ट्रपति के अनुसार, ईरान बातचीत चाहता है लेकिन अब देर हो चुकी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हालिया हमलों के बाद ईरान की सैन्य क्षमता पूरी तरह से खत्म हो चुकी है. ट्रंप के मुताबिक, अब ईरान के पास न तो प्रभावी एयर डिफेंस सिस्टम बचा है, न एयर फोर्स, न नौसेना और न ही मजबूत नेतृत्व. उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे हालात में अगर ईरान बातचीत की इच्छा जताता है तो यह काफी देर से उठाया गया कदम है.