नई दिल्ली: मध्य पूर्व में पांच सप्ताह से जारी युद्ध अब आम लोगों की जिंदगी और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को सीधे निशाना बना रहा है. ईरान के कराज इलाके में तेहरान को जोड़ने वाला बी1 पुल, जो क्षेत्र का सबसे ऊंचा और आधुनिक पुल माना जा रहा था, अमेरिकी-इजराइली हमलों में आधा टूट गया. भारी धुआं उठता हुआ और पुल का मध्य हिस्सा गिरता हुआ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. राष्ट्रपति ट्रंप ने खुद इस वीडियो को शेयर किया और साफ संकेत दिया कि ईरान पर दबाव और बढ़ेगा.
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, पहले हमले में पुल क्षतिग्रस्त हुआ और दो नागरिक हताहत हुए. जब बचाव टीमें मौके पर पहुंचीं, तब दूसरा हमला हुआ. कुल मिलाकर आठ लोगों की मौत हो गई और 95 से ज्यादा घायल हुए. पुल अभी ट्रैफिक के लिए नहीं खुला था, लेकिन उद्घाटन की तैयारी चल रही थी. हमले के बाद पूरे इलाके में बिजली गुल हो गई, जिससे स्थानीय लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हुई.
The US-Israeli enemy targeted Iran’s B1 Bridge — a major engineering achievement and key infrastructure project in Alborz province. The bridge, which was nearing completion, sustained damage in the attack, and power outages were reported in several areas. pic.twitter.com/Y8B6Rc9q3W
— Press TV 🔻 (@PressTV) April 2, 2026
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पुल ढहने का वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, 'ईरान का सबसे बड़ा पुल ढह गया, अब इसे कभी दोबारा इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा. अभी और भी बहुत कुछ होना बाकी है!'
🚨BREAKING:🇺🇸 Trump posted footage of the US strike on the B-1 bridge in Karaj, Iran.
— Saturn World News (@SaturnWorldNews) April 2, 2026
He says, it is time to make a deal or face further destruction of civilian infrastructure.
🇮🇷 Iran's meditator has reportedly killed in Israel's strikes. pic.twitter.com/I8Jj8oNPML
उन्होंने ईरान से कहा कि समझौता कर लो, वरना बहुत देर हो जाएगी और देश में कुछ नहीं बचेगा. ट्रंप ने अगले दो-तीन हफ्तों में ईरान पर और कड़े हमले करने की बात कही.
बी1 पुल करीब 1050 मीटर लंबा था और इसकी ऊंचाई 136 मीटर बताई जा रही है. इसे मध्य पूर्व की इंजीनियरिंग का शानदार नमूना माना जा रहा था. करोड़ों डॉलर की लागत से तैयार हो रहा यह प्रोजेक्ट तेहरान को कराज और उत्तरी इलाकों से बेहतर तरीके से जोड़ने वाला था. ईरान के लिए यह सिर्फ एक पुल नहीं, बल्कि आर्थिक और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण था. हमले से पूरा प्रोजेक्ट बुरी तरह प्रभावित हो गया है.
यह हमला अब “इंफ्रास्ट्रक्चर वॉरफेयर” की नई मिसाल बन गया है. यानी दुश्मन की सेना के बजाय सड़कों, पुलों और जरूरी ढांचे को निशाना बनाया जा रहा है. ईरान ने इसे नागरिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला बताते हुए कड़ी निंदा की है. क्षेत्र में पिछले डेढ़ साल से गाजा युद्ध शुरू होने के बाद अब संघर्ष ईरान तक फैल चुका है, जिसमें हिजबुल्लाह और हूती जैसे समूह भी शामिल हैं.
मध्य पूर्व में हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं. अमेरिका और इजराइल ईरान पर दबाव बढ़ा रहे हैं, जबकि ईरान जवाबी कार्रवाई की तैयारी में दिख रहा है. ट्रंप का संदेश साफ है – या तो ईरान समझौता करे या फिर और तबाही का सामना करे. फिलहाल दोनों तरफ से तनावपूर्ण बयानबाजी जारी है और आम लोग इस युद्ध की भारी कीमत चुका रहे हैं.