13 दिन तक हमले, 14वें दिन अमेरिका ने क्यों खींचे कदम? उधर यूक्रेन पर बढ़ा खतरा
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अमेरिका ने 13 दिनों बाद ईरान पर नए हवाई हमले रोक दिए हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बातचीत को प्राथमिकता देने की बात कही है.
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में पिछले दो सप्ताह से जारी तनाव के बीच शुक्रवार को घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी सेना को ईरान पर नए हवाई हमले नहीं करने का निर्देश दिया. इससे पहले लगातार 13 दिनों तक सैन्य कार्रवाई की मंजूरी दी जा रही थी. इस फैसले के बाद क्षेत्रीय हालात को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं. उधर, ईरान और यूक्रेन के बीच भी तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है. कैस्पियन सागर में एक वाणिज्यिक जहाज पर हुए हमले को लेकर ईरान ने यूक्रेन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. साथ ही ईरान से जुड़े कुछ टेलीग्राम चैनलों पर यूक्रेन तक मिसाइल पहुंचने के दावे और धमकियां भी सामने आई हैं, जिससे हालात और संवेदनशील हो गए हैं.
ट्रंप ने बातचीत को बताया प्राथमिकता
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका चाहे तो ईरान पर हमले जारी रख सकता है या उन्हें और तेज कर सकता है. हालांकि फिलहाल उनकी प्राथमिकता बातचीत के जरिए समाधान निकालना है. ट्रंप ने कहा कि ईरान अब पहले की तुलना में बातचीत को लेकर अधिक गंभीर नजर आ रहा है.
ओमान की मध्यस्थता से बढ़ी समझौते की उम्मीद
इसी दौरान ओमान का एक प्रतिनिधिमंडल ईरान पहुंचा. वहां होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने से जुड़े संभावित समझौते पर चर्चा हुई. रिपोर्ट में दावा किया गया कि इस बातचीत में कुछ सकारात्मक प्रगति हुई है. हालांकि इस संबंध में किसी औपचारिक समझौते की घोषणा नहीं की गई है.
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इजरायल को थी नए हमले की आशंका
रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल के सुरक्षा तंत्र को उम्मीद थी कि शुक्रवार को अमेरिका ईरान पर एक और बड़ा हमला कर सकता है. इसी संभावना को देखते हुए इजरायली सेना और सुरक्षा कैबिनेट हाई अलर्ट पर रहे. बाद में उन्हें जानकारी मिली कि अमेरिकी प्रशासन ने फिलहाल नए हमलों की मंजूरी नहीं दी है.
ईरान ने यूक्रेन पर लगाए गंभीर आरोप
ईरान के विदेश मंत्रालय का आरोप है कि कैस्पियन सागर में एक वाणिज्यिक जहाज पर यूक्रेन ने हमला किया, जिसमें एक नाविक की मौत हुई और दूसरा घायल हो गया. तेहरान ने इस घटना को संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन बताया और यूक्रेन के प्रभारी राजनयिक को तलब किया. विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख से भी इस मुद्दे पर बातचीत कर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से कार्रवाई की मांग की.
जेलेंस्की के बयान के बाद बढ़ा विवाद
यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की ने इससे पहले कहा था कि उनकी सेना ने कैस्पियन सागर में एक रूसी युद्धपोत और ईरान से जुड़े सैन्य सामान ले जा रहे जहाजों को निशाना बनाया है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रूस खाड़ी देशों और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों की सैटेलाइट तस्वीरें ईरान को उपलब्ध करा रहा है ताकि हमलों की योजना बनाई जा सके. इन आरोपों पर रूस की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.