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पढ़ाई पर फोकस या बच्चों की सुरक्षा का खतरा? मेक्सिको में बच्चों के मोबाइल बैन पर छिड़ी बहस

मेक्सिको के प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है. सरकार का कहना है कि इससे बच्चों का ध्यान पढ़ाई पर केंद्रित होगा और डिजिटल लत कम करने में मदद मिलेगी.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
पढ़ाई पर फोकस या बच्चों की सुरक्षा का खतरा? मेक्सिको में बच्चों के मोबाइल बैन पर छिड़ी बहस
Courtesy: Pinterest

मेक्सिको के स्कूलों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है. सरकार का कहना है कि इस फैसले का मकसद बच्चों का ध्यान पढ़ाई पर केंद्रित करना और उन्हें डिजिटल लत से बचाना है. नया नियम प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में लागू किया गया है. हालांकि, आपात स्थिति, स्वास्थ्य संबंधी जरूरत और दिव्यांगता जैसी विशेष परिस्थितियों में मोबाइल के इस्तेमाल की अनुमति होगी.

मेक्सिको में मंगलवार से स्कूलों के दौरान मोबाइल फोन और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इस्तेमाल पर रोक लागू हो गई है. सरकार के मुताबिक, बच्चों और किशोरों में मोबाइल और डिजिटल प्लेटफॉर्म का ज्यादा इस्तेमाल पढ़ाई से ध्यान भटका सकता है. इसके अलावा इससे तनाव, चिंता और दूसरी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं.

सरकार का क्या है मानना?

राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम की सरकार के इस फैसले को विशेषज्ञों का भी समर्थन मिला है. सरकार का मानना है कि स्कूलों में मोबाइल के इस्तेमाल को सीमित करने से बच्चों को पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान देने में मदद मिलेगी. साथ ही डिजिटल प्लेटफॉर्म की बढ़ती निर्भरता को कम किया जा सकेगा.

नए नियम के तहत बच्चे स्कूल आने और घर जाने के दौरान अपना फोन अपने पास रख सकते हैं. लेकिन पूरे स्कूल समय में फोन और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे. पढ़ाई के लिए शिक्षक की निगरानी में, आपात स्थिति में या स्वास्थ्य और दिव्यांगता से जुड़ी जरूरतों के मामले में मोबाइल के इस्तेमाल की अनुमति दी जाएगी.

अभिभावकों को किस बात की चिंता है?

सरकार के फैसले के बाद कुछ अभिभावकों ने चिंता जताई है. उनका कहना है कि मेक्सिको में हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं और ऐसे माहौल में बच्चों के पास मोबाइल फोन होना जरूरी हो सकता है. अभिभावकों को डर है कि किसी आपात स्थिति में वे स्कूल में मौजूद अपने बच्चों से तुरंत संपर्क नहीं कर पाएंगे.

बाल अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठन REDIM के मुताबिक, इस साल की पहली छमाही में 17 साल तक की उम्र के हर 10 में से एक बच्चे को संगठित अपराध से जुड़ी किसी घटना का सामना करना पड़ा. इसी वजह से कुछ माता-पिता सरकार के फैसले को लेकर सवाल उठा रहे हैं और अपनी सुरक्षा संबंधी चिंताओं को सामने रख रहे हैं.

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी सख्ती की तैयारी

मेक्सिको सरकार स्कूलों के साथ-साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म को लेकर भी नए नियम लागू करने की तैयारी कर रही है. प्रस्तावित नियमों के तहत सोशल मीडिया और दूसरे डिजिटल प्लेटफॉर्म को नफरत फैलाने वाली पोस्ट, दुर्व्यवहार, यौन हिंसा, उत्पीड़न और साइबर बुलिंग से जुड़ी सामग्री हटानी होगी.

सरकार का कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य बच्चों को डिजिटल प्लेटफॉर्म की लत और उससे जुड़ी समस्याओं से बचाना है. इस तरह मेक्सिको स्कूलों में मोबाइल के इस्तेमाल को सीमित करने के साथ बच्चों के लिए सुरक्षित डिजिटल माहौल तैयार करने पर भी जोर दे रहा है.