नई दिल्ली: लैटिन अमेरिका में राजनीतिक हलचल एक बार फिर तेज हो गई है. वेनेजुएला में अमेरिका की सैन्य कार्रवाई के बाद वॉशिंगटन और क्षेत्रीय देशों के बीच तनाव खुलकर सामने आ रहा है. कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने इस घटनाक्रम पर सख्त प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को सीधे शब्दों में चुनौती दी है. उनके बयान ने न केवल कोलंबिया बल्कि पूरे लैटिन अमेरिका में कूटनीतिक बहस को नया मोड़ दे दिया है.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने सोमवार को कहा कि यदि अमेरिका में हिम्मत है तो वे उन्हें गिरफ्तार करके दिखाए. पेट्रो ने स्पष्ट किया कि वे कोलंबिया में ही मौजूद हैं और किसी भी कार्रवाई का सामना करने को तैयार हैं. यह बयान उन्होंने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद दिया. पेट्रो की इस चुनौती को अमेरिका के प्रति अब तक का सबसे कड़ा संदेश माना जा रहा है.
गुस्तावो पेट्रो का बयान उस पुराने घटनाक्रम से भी जुड़ता है, जब अगस्त 2025 में निकोलस मादुरो ने डोनाल्ड ट्रम्प को इसी तरह की चुनौती दी थी. मादुरो ने तब कहा था कि अगर अमेरिका में साहस है तो आकर उन्हें गिरफ्तार करे. इसके जवाब में अमेरिका ने मादुरो की गिरफ्तारी पर घोषित इनाम की राशि बढ़ा दी थी. अब पेट्रो की टिप्पणी ने उसी टकराव को फिर ताजा कर दिया है.
पेट्रो ने कहा कि यदि अमेरिका ने कोलंबिया या उसके आसपास के इलाकों में सैन्य हमला किया तो इसके गंभीर परिणाम होंगे. उन्होंने आशंका जताई कि बमबारी की स्थिति में गांवों में रहने वाले किसान हथियार उठा सकते हैं. पहाड़ी इलाकों में गुरिल्ला लड़ाई शुरू होने की आशंका भी जताई गई है. पेट्रो के मुताबिक इससे पूरा क्षेत्र अस्थिरता की ओर बढ़ सकता है और हालात बेकाबू हो सकते हैं.
कोलंबियाई राष्ट्रपति ने कहा कि किसी ऐसे राष्ट्रपति को गिरफ्तार करने की कोशिश, जिसे जनता का बड़ा समर्थन प्राप्त हो, जनाक्रोश को जन्म दे सकती है. पेट्रो ने यह भी याद दिलाया कि वे खुद कभी गुरिल्ला आंदोलन का हिस्सा रहे हैं. उन्होंने 1990 के दशक में हथियार छोड़ दिए थे. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि मातृभूमि की रक्षा के लिए आवश्यकता पड़ी तो वे फिर से हथियार उठाने से पीछे नहीं हटेंगे.
इससे पहले डोनाल्ड ट्रम्प ने कोलंबिया को लेकर बेहद कड़े बयान दिए थे. उन्होंने कोलंबिया को बीमार देश बताया और वहां के नेतृत्व पर कोकीन तस्करी के आरोप लगाए. ट्रम्प ने यहां तक कहा कि कोलंबिया के खिलाफ सैन्य कार्रवाई एक अच्छा विचार हो सकता है. इसके जवाब में कोलंबिया सरकार ने कहा कि वह बातचीत और आपसी सम्मान में विश्वास रखती है. सरकार ने स्पष्ट किया कि धमकी देना और ताकत का प्रयोग अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ है.