नई दिल्ली: भारत में जहां रविवार को साप्ताहिक अवकाश माना जाता है, वहीं पड़ोसी देश नेपाल में रविवार एक सामान्य कार्य दिवस होता है. नेपाल में स्कूल, कॉलेज, सरकारी कार्यालय, बैंक और निजी संस्थान रविवार को खुले रहते हैं. यहां साप्ताहिक छुट्टी शनिवार को होती है. यही कारण है कि नेपाल की कार्य संस्कृति भारत और दुनिया के अधिकांश देशों से अलग दिखाई देती है.
नेपाल अपनी प्राकृतिक सुंदरता के साथ साथ अपनी परंपराओं के लिए भी जाना जाता है. देश की लगभग 90 प्रतिशत आबादी हिंदू है, इसके बावजूद यहां साप्ताहिक अवकाश रविवार को नहीं बल्कि शनिवार को होता है. शनिवार के दिन नेपाल में सरकारी कार्यालय, बैंक, स्कूल और अधिकतर निजी दफ्तर बंद रहते हैं. बाजारों में भी इस दिन अपेक्षाकृत कम चहल पहल देखी जाती है.
इसके विपरीत रविवार को नेपाल में सप्ताह का पहला कार्य दिवस माना जाता है और सभी शैक्षणिक व प्रशासनिक संस्थान सामान्य रूप से काम करते हैं. नेपाल में शनिवार की छुट्टी की परंपरा का संबंध राणा शासन काल से माना जाता है. खास तौर पर जुद्ध शमशेर के शासन के दौरान इस व्यवस्था को लागू किया गया था. उस समय नेपाल ने अपनी प्रशासनिक और सामाजिक व्यवस्थाएं अपने सांस्कृतिक मूल्यों के अनुसार तय कीं.
भारत और कई अन्य देशों में रविवार की छुट्टी का चलन ईसाई परंपराओं से जुड़ा रहा है. यूरोप, अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों में रविवार को धार्मिक कारणों से अवकाश रखा जाता है. नेपाल कभी भी ब्रिटिश शासन के अधीन नहीं रहा. इस कारण वहां ईसाई परंपराओं का प्रभाव बहुत कम रहा. यही वजह है कि नेपाल ने रविवार को अवकाश के रूप में स्वीकार नहीं किया. नेपाल ने अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक मान्यताओं के आधार पर शनिवार को साप्ताहिक छुट्टी के रूप में अपनाया.
शनिवार को नेपाली संस्कृति में नया काम शुरू करना शुभ नहीं माना जाता है. इस दिन पूजा पाठ, विश्राम और पारिवारिक समय को अधिक महत्व दिया जाता है. धार्मिक मान्यताओं के कारण शनिवार को अवकाश की परंपरा समय के साथ और मजबूत होती चली गई, जो आज भी जारी है.
नेपाल दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल है जो कभी गुलाम नहीं रहे. जहां भारत ने मुगल और ब्रिटिश शासन का सामना किया, वहीं नेपाल हमेशा एक स्वतंत्र राष्ट्र बना रहा. नेपाल के राष्ट्रीय देवता भगवान पशुपतिनाथ माने जाते हैं और काठमांडू में स्थित उनका मंदिर देश की धार्मिक पहचान का प्रमुख केंद्र है.