'हम फैसला करेंगे कौन चलाएगा ईरान'; प्रेसिडेंट ट्रंप को सुप्रीम लीडर के पद पर खामेनेई का बेटा मंजूर नहीं, दे दी खुली चेतावनी

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद अब उनके बेटे मोजतबा को इस पद की जिम्मेदारी देने की बात चल रही है. हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे नामंजुर बताया है.

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Shanu Sharma

अमेरिका-ईरान युद्ध में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई. जिसके बाद सुप्रीम लीडर के पद पर खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को पद की जिम्मेदारी सौंपने की तैयारी चल रही है. इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने बयान से लोगों का ध्यान अपनी ओर खिंचा है.

प्रसिडेंट ट्रंप ने ईरान के नए नेता चुनने में व्यक्तिगत भूमिका की मांग की है. एक्सियोस को दे रहे इंटरव्यू के दौरान गुरुवार को उन्होंने यह बात कही. ट्रंप ने कहा कि वे वेनेजुएला की तरह ईरान के इस प्रक्रिया में पर्सनली शामिल होना चाहते हैं. वेनेजुएला में भी इसी साल जनवरी में अमेरिका के हमले के बाद तख्ता पलट हुआ था.

डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा?

वेनेजुएला पर हमला करने के बाद अमेरिकी सेना ने राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया था. जिसके बाद वहां की उप राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज को अंतरिम राष्ट्रपति बनाया गया. जिसके बाद डेल्सी ने प्रेसिडेंट ट्रंप से मुलाकात की थी. ट्रंप ने इसके बारे में जिक्र करते हुए कहा कि मुझे ईरान में भी अपॉइंटमेंट में शामिल होना चाहिए, जैसे डेल्सी के साथ हुआ. इतना ही नहीं ट्रंप ने ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को 'अस्वीकार्य' बताया है. हालांकि ईरान अभी  तक मोजतबा को अगले लीडर बनाने की तैयारी में है. ट्रंप ने उन्हें सुप्रीम लीडर बनाए जाने की बात पर चेतावनी देते हुए कहा कि अगर मोजतबा चुने गए तो अमेरिका को पांच साल में फिर युद्ध में जाना पड़ सकता है. उन्होंने कहा कि खामेनेई का बेटा मुझे मंजूर नहीं है. हम ऐसा नेता चाहते हैं जो ईरान में शांति और सद्भाव लाए.

ईरान-अमेरिका युद्ध का दुनिया पर असर

ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत के बाद भी अमेरिका-इजरायल लगातार हमले कर रहा है. ईरान भी पूरे मिडिल ईस्ट में हमला कर रहा है. यह युद्ध अब सातवें दिन में प्रवेश कर चुका है. ईरानी सेना ने अपने सुप्रीम लीडर की मौत का बदला लेने की कसम खाई है. जिसकी वजह से मीडिल ईस्ट  के सभी अमेरिकी बेस पर लगातार हमले कर रहा है. इस जंग के माहौल में लगभग 1300 लोगों की जान जा चुकी है. इसके साथ ही तेल सप्लाई भी प्रभावित हुआ है. इस संकट ने पूरी दुनिया  को अपनी चपेट में ले लिया है. ईरान के सभी पड़ोसी देशों ने इस युद्ध को खत्म करने की अपील की है. उनका कहना है कि अगर युद्ध नहीं रुका तो पूरी दुनिया अस्थिर हो सकती है.