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राष्ट्रपति पुतिन से क्यों मिलना चाहता था जेफ्री एप्स्टीन? इन दस्तावेज में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

एक रिपोर्ट के अनुसार, जेफ्री एप्स्टीन ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन तक पहुंच बनाने की कई कोशिशें की थी. हालांकि, इस बात का कोई सबूत नहीं मिला की वह राष्ट्रपति पुतिन तक अपनी पहुंच बनाने में सफल हुआ था.

Anuj
Edited By: Anuj
राष्ट्रपति पुतिन से क्यों मिलना चाहता था जेफ्री एप्स्टीन? इन दस्तावेज में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
Courtesy: Social Media

नई दिल्ली: यौन अपराधों का दोषी और अमेरिकी फाइनेंसर जेफ्री एप्स्टीन को लेकर एक बार फिर सनसनीखेज खुलासा हुआ है. अमेरिका के न्याय विभाग द्वारा जारी नए दस्तावेजों से पता चलता है कि एप्स्टीन रूस के शीर्ष नेतृत्व, खासकर राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से संपर्क बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा था. हालांकि, इन दस्तावेजों में यह स्पष्ट नहीं होता कि वह राष्ट्रपति पुतिन तक अपनी पहुंच बनाने में सफल हुआ था.

दस्तावेजों के अनुसार, एप्स्टीन रूस के संयुक्त राष्ट्र में पूर्व राजदूत विटाली चुरकिन के संपर्क में था. वह न्यूयॉर्क में उनसे नियमित रूप से मिलता था और उनके बेटे मैक्सिम को वेल्थ मैनेजमेंट कंपनी में नौकरी दिलाने की पेशकश भी कर चुका था. 2017 में चुरकिन की अचानक मौत के बाद एप्स्टीन ने मॉस्को से संपर्क के नए रास्ते तलाशने शुरू किए.

नॉर्वे के नेता को भेजा संदेश

24 जून 2018 को एप्स्टीन ने नॉर्वे के नेता थॉर्ब्यॉर्न यागलैंड को ईमेल भेजा. यागलैंड उस समय काउंसिल ऑफ यूरोप के महासचिव थे. एप्स्टीन ने उनसे अनुरोध किया कि वह क्रेमलिन तक यह संदेश पहुंचाएं कि रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव उनसे बातचीत कर सकते हैं. उसने लिखा कि पहले यह भूमिका विटाली चुरकिन निभाते थे, लेकिन अब उनका निधन हो चुका है.

पुतिन से मिलने की पुरानी चाह

दस्तावेज यह भी दिखाते हैं कि एप्स्टीन 2013 से ही पुतिन से मिलने की कोशिश कर रहा था. उसने दावा किया था कि वह रूस को पश्चिमी निवेश आकर्षित करने पर सलाह दे सकता है. एक ईमेल में उसने लिखा कि पुतिन को उससे मिलने के लिए समय और पूरी गोपनीयता देनी होगी. हालांकि, किसी भी दस्तावेज में ऐसी मुलाकात की पुष्टि नहीं होती.

यूरोप में बढ़ी चिंता

इन खुलासों के बाद यूरोप में हलचल मच गई है. पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने कहा कि एप्स्टीन के रूसी खुफिया एजेंसियों से संभावित संबंधों की जांच की जाएगी. उन्होंने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बताया. वहीं, क्रेमलिन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ऐसे दावों को गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए.

एक्सपर्ट ने क्या कहा?

दस्तावेज बताते हैं कि एप्स्टीन रूस गया था और 2019 तक वीजा के लिए आवेदन करता रहा. उसके संबंध कुछ ऐसे रूसियों से भी थे, जिनका संबंध सरकारी संस्थानों से बताया गया. विशेषज्ञों का कहना है कि ये ईमेल एक ऐसे व्यक्ति की तस्वीर पेश करते हैं, जो ताकतवर लोगों के करीब दिखना चाहता था. लेकिन यह साबित नहीं होता कि उसे मॉस्को में असली प्रभाव कभी मिला.