नई दिल्लीः एपस्टीन फाइल के खुलासे ने पूरे दुनिया के जाने-माने लोगों का नाम खतरें में डाल दिया. इन नामों में ब्रिटेन के टॉप नेताओं का नाम भी शामिल हैं. इस फाइल के कारण इस्तीफों की लाइन लग रही है. इस बार मॉर्गन मैकस्वीनी ने अपने इस्तीफे की घोषणा की है. वह ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के चीफ ऑफ स्टाफ थे. उन्होंने ऐसा कदम उठाते हुए कहा कि मेंडेलसन को नियुक्त करने का फैसला गलत था. इससे उनके देश को नुकसान हुआ. इस इस्तीफे से ब्रिटेन की राजनीति में हलचल मच गई है. कीर स्टारमर के ऊपर भी कई प्रश्न उठ रहे हैं. विशेषज्ञ को कहना है कि आने वाले समय में कई और इस्तीफे देखने को मिल सकते हैं.
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के चीफ ऑफ स्टाफ, मॉर्गन मैकस्वीनी ने रविवार को ब्रिटिश राजदूत पीटर मेंडेलसन की 2024 की नियुक्ति को लेकर चल रहे विवाद के बीच इस्तीफा दे दिया, जबकि उनके संबंध दोषी यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से थे. यह इस्तीफा मेंडेलसन के एपस्टीन के साथ संबंधों को उजागर करने वाले ईमेल जारी होने के बाद इस घोटाले को लेकर स्टारमर पर बढ़ते दबाव के बीच आया है. मेंडेलसन फरवरी 2025 से सितंबर 2025 तक संयुक्त राज्य अमेरिका में UK के राजदूत थे.
मॉर्गन मैकस्वीनी ने एक बयान में कहा, "गहन विचार-विमर्श के बाद, मैंने सरकार से इस्तीफ़ा देने का फ़ैसला किया है. पीटर मेंडेलसन को नियुक्त करने का फ़ैसला गलत था. उन्होंने हमारी पार्टी, हमारे देश और राजनीति में ही विश्वास को नुकसान पहुंचाया है." उन्होंने आगे कहा, "मैंने प्रधानमंत्री को यह नियुक्ति करने की सलाह दी थी. मैं उस सलाह की पूरी जिम्मेदारी लेता हूं."
हालांकि, दबाव सिर्फ मैकस्वीनी पर ही नहीं था. स्टारमर को 2024 में मेंडेलसन को अमेरिका भेजने के अपने फैसले को लेकर सत्ता में 18 महीनों में सबसे बुरे हमलों में से एक का सामना करना पड़ रहा है. मैकस्वीनी के जाने से सरकार की भविष्य की दिशा पर संदेह पैदा हो गया है. क्योंकि वह राजनीतिक रणनीतिकार थे जिन्होंने स्टारमर के सत्ता में आने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.