नई दिल्ली: टी20 वर्ल्ड कप 2026 का छठा मुकाबला मेजबान श्रीलंका और आयरलैंड के बीच खेला जा रहा है. इस मैच में श्रीलंकाई टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 163 रन बनाए.
आयरलैंड के कप्तान पॉल स्टर्लिंग ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था. श्रीलंका की टीम ने संभलकर बल्लेबाजी करते हुए चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया, जिसे हासिल करना आयरलैंड के लिए आसान नहीं माना जा रहा है.
इस मुकाबले में पॉल स्टर्लिंग ने एक खास उपलब्धि भी अपने नाम कर ली. मैदान पर उतरते ही वह टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास के एक बेहद खास क्लब का हिस्सा बन गए. अब वह उन खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने सबसे ज्यादा बार टी20 वर्ल्ड कप में हिस्सा लिया है. इससे पहले इस सूची में भारत के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा और बांग्लादेश के अनुभवी ऑलराउंडर शाकिब अल हसन का नाम शामिल था.
टी20 वर्ल्ड कप का यह 10वां संस्करण है, जिसे भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में खेला जा रहा है. इससे पहले हुए 9 संस्करणों में सिर्फ दो खिलाड़ी ऐसे थे, जिन्होंने हर बार कम से कम एक मैच जरूर खेला था. रोहित शर्मा ने 9 बार टी20 वर्ल्ड कप में हिस्सा लिया है, जबकि शाकिब अल हसन भी 9 संस्करणों में खेल चुके हैं. अब आयरलैंड के कप्तान पॉल स्टर्लिंग भी इस खास सूची में शामिल हो गए हैं, जिनके लिए यह नौवां टी20 वर्ल्ड कप है.
अगर उन खिलाड़ियों की बात करें, जिन्होंने सबसे ज्यादा बार टी20 वर्ल्ड कप में हिस्सा लिया है, तो रोहित शर्मा, शाकिब अल हसन और पॉल स्टर्लिंग तीनों 9-9 बार इस टूर्नामेंट में खेल चुके हैं. इसके अलावा बांग्लादेश के महमूदुल्लाह, ऑस्ट्रेलिया के डेविड वॉर्नर और अफगानिस्तान के मोहम्मद नबी 8-8 बार टी20 वर्ल्ड कप में हिस्सा ले चुके हैं. यह आंकड़े इन खिलाड़ियों की निरंतरता और लंबी क्रिकेट यात्रा को दर्शाते हैं.
मैच में श्रीलंका की बल्लेबाजी की बात करें, तो कुसल मेंडिस ने शानदार प्रदर्शन किया. उन्होंने 43 गेंदों में 56 रनों की अहम पारी खेली और टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया. उनकी पारी में संयम और आक्रामकता का अच्छा संतुलन देखने को मिला. उनके अलावा अन्य बल्लेबाजों ने भी छोटे-छोटे योगदान दिए, जिससे श्रीलंका 163 रन तक पहुंच सका.
आयरलैंड की गेंदबाजी में ब्रायन मैकार्थी और जॉर्ज डॉकरेल ने अच्छा प्रदर्शन किया. दोनों गेंदबाजों ने 2-2 विकेट हासिल कर श्रीलंका की रन गति पर कुछ हद तक अंकुश लगाया. अब मुकाबले का सारा दबाव आयरलैंड की बल्लेबाजी पर है, जहां उन्हें जीत के लिए मजबूत शुरुआत और संतुलित प्रदर्शन की जरूरत होगी.