नई दिल्ली: खाड़ी क्षेत्र में भारतीय नाविकों से जुड़े हालिया घटनाक्रम ने भारत की चिंता बढ़ा दी है. भारतीय चालक दल वाले तीन व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों के बाद मामला केवल समुद्री सुरक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति का विषय बन गया है. इसी बीच विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बातचीत कर भारत की आपत्ति स्पष्ट रूप से रखी. इस घटनाक्रम ने अमेरिका और ईरान के बीच पहले से चल रहे तनाव को और चर्चा के केंद्र में ला दिया है.
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बातचीत के दौरान खाड़ी में भारतीय चालक दल वाले जहाजों पर हुए हमलों का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि वाणिज्यिक जहाजों के खिलाफ ऐसी घातक कार्रवाई स्वीकार्य नहीं है. जयशंकर ने यह भी दोहराया कि इन घटनाओं में भारतीय नागरिकों की जान गई है, जिसे भारत बेहद गंभीरता से देख रहा है.
Spoke to US Secretary of State Marco Rubio this evening. I reiterated India’s strong protest at the attacks by the US Navy in the Gulf that killed three Indian mariners. Such lethal actions against commercial shipping are not justified.
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) June 12, 2026
घटनाओं की शुरुआत 8 जून को हुई, जब पलाऊ ध्वज वाले टैंकर एमटी मारिवेक्स पर ओमान तट के पास हमला हुआ. जहाज पर सवार सभी 24 चालक दल के सदस्य भारतीय थे और उन्हें बाद में सुरक्षित निकाल लिया गया. इसके बाद 10 जून को एमटी सेट्टेबेलो नामक दूसरे टैंकर को निशाना बनाया गया. इस हमले में जहाज पर मौजूद 24 चालक दल के सदस्यों में से तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई.
11 जून को गिनी-बिसाऊ ध्वज वाले टैंकर एमटी जलवीर पर भी हमला हुआ. इस जहाज पर 20 भारतीय नाविक मौजूद थे. हालांकि इस घटना में चालक दल को सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन लगातार तीसरी घटना ने समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए. इन घटनाओं के बाद भारत ने शुक्रवार को अमेरिकी उप मिशन प्रमुख जेसन मीक्स को तलब कर अपना विरोध दर्ज कराया.
भारत में ईरान के दूतावास ने एक पोस्ट में कहा, 'होर्मुज जलडमरूमध्य में एक भारतीय जहाज को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा ईरान पर लगाया गया आरोप सरासर निराधार है. यह जनता का ध्यान उस क्रूर तथ्य से हटाने का प्रयास है कि अमेरिका ने एक सप्ताह से भी कम समय में 3 भारतीय जहाजों पर हमला किया और 3 निर्दोष भारतीय नाविकों को मार डाला. यह बेहद शर्मनाक है!'
The U.S. president's accusation against Iran regarding an Indian vessel in the Strait of Hormuz is simply baseless. It is an attempt to divert public attention from the brutal fact that the U.S. has attacked 3 Indian vessels in less than a week and killed 3 innocent Indian… https://t.co/2UiXWAMulM
— Iran in India (@Iran_in_India) June 12, 2026
इन घटनाओं के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि भारतीय जहाजों पर हुए हमलों के पीछे ईरान का हाथ था और इसे पूरी तरह अस्वीकार्य बताया. इस बीच खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव और भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है. भारत वैश्विक जहाजरानी उद्योग में नाविकों का एक बड़ा स्रोत है और वर्ष 2025 में लगभग 3.2 लाख सक्रिय नाविकों का योगदान दे चुका है.