India Maldives Ties: मालदीव की मुख्य विपक्षी पार्टी मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी (MDP) ने राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के नेतृत्व वाली सरकार का भारत के प्रति संबंधों में बदलाव का स्वागत किया है. पार्टी ने कहा कि भारत आज भी मालदीव के संकट के समय सबसे विश्वसनीय साझेदार बना हुआ है.
MDP प्रमुख और पूर्व में विदेश मंत्री रह चुके अब्दुल्ला शाहिद ने मुइज्जू प्रशासन से अपने अधिकारियों के कार्यों, झूठ और गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणियों के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को कहा है. उन्होंने कहा कि उनकी वजह से मालदीव के विदेशी और आर्थिक परिदृश्य को काफी नुकसान पहुंचा है.
Great pleasure to warmly welcome and meet Indian External Affairs Minister @DrSJaishankar to the Maldives with my colleagues from @MDPSecretariat .
The Maldives has always been confident that India will always be the first responder any time the Maldives “dials an… pic.twitter.com/a2ckdHHaEa— Abdulla Shahid (@abdulla_shahid) August 10, 2024
तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर आए विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात के बाद शाहिद ने एक्स पर लिखा कि मालदीव को हमेशा से विश्वास रहा है कि जब भी मालदीव कोई अंतर्राष्ट्रीय कॉल करेगा तब भारत सबसे पहले प्रतिक्रिया देगा. उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार द्वारा आक्रामक नारों, उपहास के जरिए भारत विरोधी भड़काई गई. इस कारण मालदीव की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा में गिरावट आई है साथ ही उसे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है. शाहिद ने आगे कहा कि इस बात को ध्यान में रखते हुए एमडीपी राष्ट्रपति मुइज्जू सरकार की मालदीव-भारत नीति में अचानक किए गए बदलाव का स्वागत करती है. गौरतलब है कि मुइज्जू सरकार इंडिया आउट कैंपेन चलाकर सत्ता में आई थी.
राष्ट्रपति मुइज्जू जो चीन समर्थक रुख के लिए जाने जाते हैं, ने मालदीव से भारतीय सैन्य कर्मियों को वापस बुलाने की मांग की थी. जिसके कारण दोनों देशों के बीच तनाव पैदा हो गया था. दोनों देशों के बीच बातचीत के बाद भारतीय सैन्य कर्मियों की जगह नागरिकों को तैनात किया गया. शनिवार को मुइज्जू ने भारत को मालदीव के सबसे करीबी सहयोगियों में से एक बताया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार को उनके निरंतर समर्थन के लिए धन्यवाद दिया.