शनिवार को, फिलिस्तीनी चरमपंथी समूह हमास ने एक चौंकाने वाला वीडियो जारी किया, जिसमें एक अमेरिकी-इजरायली बंधक, एडन एलेक्ज़ेंडर, अपनी जान की भीख मांगता हुआ दिखाई दे रहा है. इस वीडियो में एडन, जो अब तक 420 दिनों से गाजा में बंधक बना हुआ है, रोते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से अपनी रिहाई की अपील करता है. एलेक्ज़ेंडर, जो 20 साल का है, और दोहरी नागरिकता (अमेरिकी और इजरायली) रखता है, इजरायल रक्षा बल (IDF) में सेवा दे रहा था जब उसे हमास आतंकवादियों ने 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर हमले के दौरान बंधक बना लिया था.
वीडियो में एलेक्ज़ेंडर की दर्दनाक अपील
वीडियो में, एडन एलेक्ज़ेंडर अपना चेहरा ढके हुए और आंसू बहाते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से जीवन की सुरक्षा की गुहार लगाता है. वह यह कहते हुए दिखता है, “हमें बचा लो, हम यहां हर रोज मर रहे हैं. हमारी जिंदगी खतरे में है. कृपया हमारी मदद करें.” यह वीडियो उसे एक कठिन स्थिति में बयां करता है, जिसमें वह न केवल अपनी जान के लिए, बल्कि मानवाधिकारों और सुरक्षा की अपील करता है.
The family of Edan Alexander, the Israeli-American held hostage in Gaza, has authorized the release of the heartbreaking proof of life video published by terrorists earlier today. pic.twitter.com/pYp8vttt8t
— Aviva Klompas (@AvivaKlompas) November 30, 2024
व्हाइट हाउस की प्रतिक्रिया
हमास द्वारा जारी किए गए इस रौंगटे खड़े कर देने वाले वीडियो पर व्हाइट हाउस ने तीव्र प्रतिक्रिया दी है. राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (NSC) के प्रवक्ता शॉन सेवेट ने कहा कि व्हाइट हाउस इस वीडियो के बारे में पूरी जानकारी रखता है और एलेक्ज़ेंडर के परिवार के साथ संपर्क में है.
The hostage video released today of American-Israeli citizen Edan Alexander is a cruel reminder of Hamas’ terror. @POTUS and the U.S. will continue to work around the clock to secure his release and the release of all the hostages held by Hamas.
— Sean Savett (@NSC_Spox) December 1, 2024
Full statement here ⬇️ pic.twitter.com/wLFM0MItRU
उन्होंने आगे कहा, "आज जारी किया गया बंधक वीडियो अमेरिकी-इजरायली नागरिक एडन एलेक्ज़ेंडर का हमास द्वारा किया गया आतंकवाद का क्रूर उदाहरण है. यह हमास द्वारा नागरिकों पर किए जा रहे अत्याचार का एक और सबूत है, जिनमें हमारे देश के नागरिक भी शामिल हैं." व्हाइट हाउस ने इस घटना को "हमास के आतंकवाद" के रूप में संदर्भित किया, जो न केवल इजरायल, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए भी एक गंभीर खतरा है.
अंतरराष्ट्रीय समुदाय में गुस्से की लहर
हमास द्वारा बंधक बनाए गए लोगों के वीडियो ने वैश्विक स्तर पर गुस्से की लहर पैदा कर दी है. इजरायल और अमेरिका दोनों ही देशों के नेता इस घटना को बेहद गंभीर मानते हुए तत्काल प्रभाव से आतंकवादियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. यह वीडियो दुनियाभर में मानवाधिकार उल्लंघन और आतंकवाद के खिलाफ आवाज उठाने के लिए एक और कारण बन गया है.