Israel Hamas War: इजराइल और हमास के बीच गाजा पट्टी में युद्ध को 100 दिनों से ज्यादा बीच चुके हैं. 7 अक्टूबर 2023 को हमास की ओर से इजराइल पर घात लगाकर हमले के बाद से अब तक इजराइल हिंसक रूप से गाजा में बमबारी और जमीनी हमला कर रहा है. यहां हजारों की संख्या में लोगों की मौत हुई है, जिनमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं. इसी बीच अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) ने शुक्रवार को इजराइल से गाजा पट्टी में अपने हमले में मौत और किसी भी गंभीर शारीरिक या मानसिक नुकसान को रोकने के लिए कहा है. हालांकि संयुक्त राष्ट्र की शीर्ष अदालत ने गाजा में संघर्ष विराम का आदेश देने से इनकार कर दिया, जो इजराइल और फिलिस्तीनी आतंकवादी समूह हमास के बीच युद्ध का केंद्र रहा है.
जानकारी के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय न्यायालय का यह फैसला दक्षिण अफ्रीका की ओर से गाजा पट्टी में सैन्य अभियानों को तत्काल रोकने के अनुरोध के बाद आया है. अपने आदेश में अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने कहा है कि इजराइल को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके सशस्त्र बल के जवान नरसंहार न करें और गाजा में मानवीय स्थिति में सुधार के लिए उपाय करें. संयुक्त राष्ट्र अदालत ने इजराइल से आदेश को बनाए रखने के लिए अपने कार्यों पर एक महीने में रिपोर्ट देने के लिए भी कहा है. हालांकि अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के पास कोई प्रवर्तन शक्तियां नहीं हैं.
आईसीजे के अध्यक्ष जोन डोनोग्यू ने कहा कि अदालत इस क्षेत्र से सामने आ रही मानवीय त्रासदी की सीमा से पूरी तरह अवगत है. हमलों में लोगों की निरंतर मौत और मानवीय पीड़ा के बारे को लेकर काफी चिंतित है. एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आदेश पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने नरसंहार मामले को अपमानजनक बताया है. साथ ही कहा है कि इजराइल अपनी रक्षा के लिए जो जरूरी है वो करेगा और वो करना जारी रखेगा.
बता दें कि इसी साल जनवरी की शुरुआत में कोर्ट में सुनवाई के दौरान दक्षिण अफ्रीका ने आरोप लगाया था कि गाजा में इजराइल के हमले ने नरसंहार संधि का उल्लंघन किया है. दक्षिण अफ्रीका ने यह भी कहा कि 7 अक्टूबर को हमास के अचानक हमले से पहले भी इजराइल फिलिस्तीन में सैन्य कार्रवाई कर रहा था. हालांकि इजराइल ने नरसंहार के आरोप को खारिज कर दिया था और संयुक्त राष्ट्र की शीर्ष अदालत से आरोपों को रद्द करने के लिए कहा था. 7 अक्टूबर को हमास ने इजराइली इलाके में हमला किया था, जिसमें करीब 1,200 इजराइली सैनिक और नागरिक मारे गए. कथित तौर पर करीब 250 इजराइलियों को हमास के आतंकी बंधक बनाकर ले गए थे.