Israel-Hamas War: इजरायल और फिलिस्तीनी आतंकी संगठन हमास के बीच बीते 19 दिनों से युद्ध चल रहा है. अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक इस जंग की वजह से अब तक 8,054 लोगों की मौत हो चुकी है. मौतों का सिलसिला रुक नहीं रहा है. इस जंग की शुरुआत हमास ने 7 अक्टूबर को इजरायल पर गाजा पट्टी से लगभग 5,000 हजार से ज्यादा रॉकेट दागकर कर की थी. जिसके जवाब में इजरायल भी जंग-ए-मैदान में कूद गया था.
दुनिया के कई देश इजरायल हमास युद्ध पर नजर बनाए हुए हैं. ईरान, सीरिया, ईराक जैसे देश हमास का समर्थन करते हुए नजर आ रहे हैं. वहीं, अमेरिका ब्रिटेन जैसी महाशक्तियों का इजरायल को समर्थन प्राप्त है.
इजरायल ने गाजा पट्टी की सीमा पर भारी संख्या में सैनिकों के साथ साथ टैंकर भी तैनात किए हैं. इजरायली सेना ने गाजा के अलग-अलग हिस्सों में रह रहे कई लोगों से स्थानों को छोड़ने को कहा है.
ये जंग धीरे-धीरे विकराल रूप धारण कर चुकी है. हमास का नामो निशान मिटाने के लिए इजरायली सेना गाजा पट्टी पर खड़ी है. लेकिन वह अंदर जाने की हिमाकत नहीं कर रही है. इजरायली सेना गाजा पट्टी पर अंदर नहीं जा पा रही हैं इसका मुख्य कारण हैं सुरंग, जो हमास के लड़ाकों के लिए कवच की तरह काम कर रहा है.
इसी कारण इजरायली सेना ग्राउंड ऑपरेशन नहीं करना चाहिए. उसे डर है कि कहीं अगर उसने जमीनी स्तर पर ऑपरेशन किया तो हमास के लड़ाके इजरायली सैनिकों पर घात लगाकर हमला कर सकते हैं.
इजरायली सेना ने अब हमास के सुरक्षा कवच कहे जाने वाले सुरंगों को तबाह करने का प्लान बना लिया है. आइए जानते हैं कि कैसे वाटर बम का इस्तेमाल करके इजरायली सेना हमास के लड़ाकों को पानी पिलाएगी. यहां आप कंफ्यूज न होइएगा. वाटर बम से तात्यर्प्य किसी बम से नहीं है बल्कि इजरायली सेना पानी को बम की तरह इस्तेमाल करना का प्लान बना रही है. इसलिए इस ऑपरेशन को वॉटर बम कहा जाता है.
गाजा पट्टी मिस्र इजरायल और भू मध्य सागर यानी Mediterranean Sea से घिरा हुआ है. गाजा पट्टी का ये तो ऊपरी नक्शा है. 365 स्कॉवयर किलोमीटर में फैले गाजा पट्टी पर करीब 2.1 मिलीयन यानी लोग रहते हैं. जंग की वजह से गाजा पट्टी पर रह रहे लोगों का जीवन प्रभावित हुआ है. यहां के लोग एक दर्दनाक हादसे से हादसे से गुजर रहे हैं. बिना जंग थमें इनका जीवन आम नहीं हो सकता है. हमास के लड़ाके और इजरायली सेना एक दूसरे पर बम और रॉकेट से हमला कर रहे हैं.
इजरायली बमबारी और रॉकेट से बचने के लिए हमास के लड़ाके 'सुरक्षा कवच' (टनल) का इस्तेमाल कर रहे हैं. रिपोर्ट्स की मानें तो हमास ने गाजा पट्टी के बेत लाहिया से यूनिस खान तक सुरंग बना रखी है. सुरंगों के अंदर क्या-क्या है, इनकी संख्या कितनी है. इसकी सटीक जानकारी इजरायली सेना को नहीं है.
ऐसा कहा जा रहा है कि हमास ने गाजा पट्टी पर जितनी भी सुरंगें बना रखी हैं सब आपस में एक दूसरे से जुड़ी हुई हैं. इन्हीं सुरंगों को तबाह करने के लिए इजरायली सेना मेडिटेरियन सी से हेवी ड्यूटी कमर्शियल पंप से पानी छोड़ने की योजना बना रहा है.
अगर इजरायल भू मध्य सागर से सुरंगों में पानी छोड़ता है तो हमास का प्लान चौपट हो सकता है. उसका संचार प्रणाली बाधित हो जाएगी. उसके लड़ाके एक दूसरे से कनेक्ट नहीं हो पाएंगे. अगर इजरायली ने ऐसा किया तो मजबूर होकर हमास के लड़ाकों को सुरंगों से बाहर आना पड़ेगा. क्योंकि अगर वो बाहर नहीं आएंगे तो सुरंगों में भरे पानी में दम तोड़ देंगे. जिंदा रहने के लिए हमास के लड़ाकों को सुरंगों से बाहर आना ही पड़ेगा.
इजरायली सेना यही चाह भी रही है कि किस तरह से वो हमास के लड़ाकों को 'चूहों के बिल' से कैसे निकाले. अगर इजरायली का वाटर बम वाला प्लान सफला होता है तो हमास के लड़ाके खुद बा खुद सुरंग के बाहर आ जाएंगे.
हमासे के लड़ाके जैसे ही सुरंग से बाहर निकलेंगे इजरायली सेना के लिए ग्राउंड ऑपरेशन करना आसान हो जाएगा. इजरायल का प्लान है कि उसकी जो सेना गाजा पट्टी के बॉर्डर पर खड़ी है वो सुरंग में छिपे हमास के लड़ाकों के बाहर निकलते ही उन पर टूट पड़ेगी.
अभी तक जो सुरंगें हमास के लड़ाकों के लिए सुरक्षा कवच का काम कर रही थी आने वाले समय में वो काल बन सकती हैं. बम बारी से बचने के लिए सुरंगें सबसे महफूज जगह मानी जाती है. इसीलिए हमास ने गाजा पट्टी पर सुरंगों का निर्माण करवाया है ताकि हवाई हमलों और बम बारी से बचा जा सके.
हमास ने सुरंग में पूरा का पूरा वार कंट्रोल सेंटर बना रखा है. रिपोर्ट्स की मानें तो गाजा पट्टी पर बनी सुरंगें मिस्र तक जाती है. इसी के जरिए हमास के लड़ाके मिस्र जाते हैं. हमास ने अपने बड़े-बड़े हथियार और खाने पीने की सामग्री इन्हीं सुरंगों में स्टोर कर रखी है. इन सुरंगों में बिजली के लिए जनरेटर का इस्तेमाल किया जाता है. जनरेटर ईंधन से चलता है. और इजरायल ने पहले से ही गाजा पट्टी पर ईंधन की सप्लाई पर रोक लगा रखी है.
इजरायल ने गाजा पट्टी पर सिर्फ ईंधन ही नहीं बल्कि बिजली समेत और भी खाद्य सामग्री पर रोक लगा रखी. जिसके चलते हमास को न तो ईंधन मिल पा रहा है और न ही खाने पीने की चीजें.
रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि हमास के पास ईंधन की कमी है. एक बार ईंधन खत्म होने पर हमास का कम्युनिकेशन सिस्टम पूरी तरह से धराशायी हो जाएगा. क्योंकि बिना बिजली के इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस काम नहीं करेंगे. सिर्फ कम्यूनिकेशन सिस्टम ही नहीं बिजली न होने की वजह से सुरंग में वेंटिलेशन सिस्टम बंद हो जाएगा. बिजली की कमी के चलते पहले से ही हमास के लड़ाके परेशान हैं अगर इसी में इजरायल भू मध्य सागर से सुरंगों में पानी छोड़ देता है तो समझिए हमास का खात्मा तय है.
इजरायली सेना ने इसकी पुष्टि नहीं की है कि कब वो हमास की सुरंगों को तबाह करने के लिए भू मध्य सागर से पानी छोड़ेगी लेकिन उसने हमास के लड़ाकों को बाहर आने पर मजबूर करने के लिए समुद्र से सुरंगों में पानी छोड़ने का प्लान बना रखा है.
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