रफाह और गाजा में इजराइली सेना भीषण बमबारी कर रही है. दक्षिणी गाजा में घुसी इजराइली तोपों ने नागरिक इलाकों में भी बम दागा है, जिसमें कई लोग घायल हो गए हैं. दक्षिणी इलाके में हजारों लोग हैं जिनकी सांस अटकी हुई है. इजराइली सेना के स्ट्राइक ने हाल ही में 37 फिलिस्तीनी नागरिकों को मार डाला था. मरने वाले शरणार्थी टेंट में पड़े हुए थे और वहीं जिंदा जल गए. अब यह किसी नरसंहार से कम नहीं लग रहा है.
इजराइली सेना का कहना है कि मिस्र की सीमा तक भीषण बमबारी हो रही है. इजराइल की मंशा भी नहीं है कि यह जंग थमे. इजराइली डिफेंस फोर्सेज (IDF) के प्रवक्ता डैनियल हगरी ने भी दावा किया है कि अब फिलाडेल्फिया तक हम हैं और ये जंग अभी कम से कम 7 महीने तक जारी रहेगी. गाजा में अब तक 35,000 से ज्यादा लोगों को मौत हो चुकी है, जिनमें बच्चे और गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं. अब आशंका है कि अगर ये जंग कुछ महीने और चली तो लाखों लोगों की जान जाएगी.
अब कहां तक घुसी इजराइली सेना?
इजराइल की सेना का कहना है कि अब मिस्र के साथ गाजा की सीमा की सीमा पर अब उसका कंट्रोल है. इस जगह को फिलाडेल्फिया कॉरिडोर के तौर पर जानते हैं. वैश्विक तौर पर लोग नाराजगी जाहिर कर रहे हैं लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठा पा रहा है.
क्यों इजराइल ने जमाया नया कब्जा?
गाजा-मिस्र सीमा पर इजरायल के कब्जे से पहले, अभी तक गाजा पट्टी पर कंट्रोल नहीं किया था. डैनियल हगरी ने कहा है कि हमास फिलाडेल्फी कॉरिडोर की मदद से गाजा में हथियारों की तस्करी करता था. इसलिए इजराइली सेना ने इसे अपने कंट्रोल में लिया है.
बफर जोन तक घुसी IDF
बुधवार को, इजरायली टैंक राफा की गलियों में घुस गए. संयुक्त राष्ट्र की अतंरराष्ट्रीय अदालत (ICJ) ने इजराइल को तत्काल आदेश दिया था कि शहर में अपने हमले रोक दें. इजराइली तोपों अब पश्चिम में तेल अल-सुल्तान, यिबना और शबौरा तक घुस गए, फिर मिस्र की सीमा पर बफर जोन की ओर पीछे हट गए.
2024 तक जारी रहेगी जंग
इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार तजाची हनेगबी ने भी कह दिया है कि गाजा में युद्ध कम से कम 2024 तक जारी रहेगा. इजराइल की मंशा पहले ही साफ है कि जब तक हमास की पूरा सफाया नहीं हो जाता, तब तक ये जंग जारी रहेगी.
इजराइल की आलोचना दुनियाभर में हो रही है लेकिन इजराइल टस से मस नहीं हो रहा है. ब्राजील ने लगातार हिंसा के विरोध में राजदूत को भी वापस बुला लिया है. फिलिस्तीन पर इजराइल के हमलों पर दुनिया चिंतित है लेकिन इजराइल है कि मानता नहीं है.