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'जंग से पीछे हटे तो आएगा जलजला,' अपनी ही सरकार को इजरायल पर धमकी क्यों दे रहे अयातुल्ला अली खामेनेई?

ईरान के नए राष्ट्रपति मसूद पजशकियान और अयातुल्ला अली खामेनेई दोनों की सोच अलग-अलग है. एक तरफ अयातुल्ला चाहते हैं कि इजरायल से सीधी जंग लड़ी जाए और करारा जवाब दिया जाए, दूसरी तरफ मसूद पजशकियान का मानना है कि जंग थमनी चाहिए. एक अपेक्षाकृत उदारवादी नेता है, दूसरा बेहद कट्टरपंथी. ऐसे में दोनों में टकराव बढ़ा तो अब अयातुल्ला धार्मिक दबाव बना रहे हैं.

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'जंग से पीछे हटे तो आएगा जलजला,' अपनी ही सरकार को इजरायल पर धमकी क्यों दे रहे अयातुल्ला अली खामेनेई?
Courtesy: Social Media

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई अब अपनों को घेरने के लिए ऐसी धमकी दे रहे हैं, जिसे सुनकर ही आपको पता चल गया जाएगा कि यह देश, किस धार्मिक कट्टरपंथ की राह पर आगे बढ़ गया है. उन्होंने कहा है कि इजरायल के साथ जंग में पीचे हटना या किसी भी तरह का समझौता करना, ईश्वरीय प्रकोप का कारण बनेगा, जलजला जाएगा. ईरान और इजरायल के बीच जमकर सियासत भड़की है. हमास के नेता इस्माइल हानिया के मारे जाने के बाद से ही ईरान बौखलाया है.  बीते महीने तेहरान में घुसकर इजरायली सेना ने उसे मार डाला था. 

अयातुल्ला अली खामेनेई की छेड़ी ये जंग, अब मनोवैज्ञानिक जंग में तब्दील हो रही है. अब लोगों को 'धार्मिक भय' दिखाकर जंग के लिए तैयार किया जा रहा है. उन्होंने साफ कहा है कि सैन्य, राजनीतिक या आर्थिक स्तर पर इजरायल से जंग में पीछे हटने का मतलब है कि जलजला आ जाएगा. अल्लाह नाराज हो जाएंगे.

इस्माइल हानिया की मौत के बाद से ही तेहरान में हंगामा भड़का है. इजरायली डिफेंस फोर्स के एक्शन में वह मारा गया है. ईरान, अब इजरायल को करारा जवाब देने की तैयारी में है. लेबनान में बैठे हिजबुल्लाह के आतंकी हों या हमास के लड़ाके, सबके पास ईरान का ही समर्थन है. 

ईरान से क्या चाहते हैं अयातुल्ला?

अयातुल्ला अली खामेनेई ने कहा है, 'जो सरकारें ताकतवर देशों की मांगों के आगे झुक जाती हैं, उन्हें अपने लोगों की ताकत का इस्तेमाल करना चाहिए. चाहे उनके देश की ताकत कुछ भी हो, वे ऐसे दबावों का सामना कर सकती हैं. विरोधियों की सही क्षमताओं का आंकलन करें.'

किस बात की है कि अयातुल्ला को अकड़?

अयातुल्ला अली खामेनेई ने कहा है कि ऐसी सोच रही है कि लोग दुश्मनों की ताकत को ज्यादा समझते हैं. उन्होंने अतीत का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिका, ब्रिटिश और इजरायल तब से ईरान को कमजोर समझते हैं, जब से 1979 का इस्लामिक क्रांति शुरू हुई. ईरान सबसे लड़कर भी अपना परचम लहरा रहा है. 

इजरायल के नरसंहार पर दुनिया ने मूंदी आंख

ईरान ने आरोप लगाया है कि दुनिया के देशों ने इजरायल पर अपनी आंखें मूंद ली हैं. इजरायल के नरसंहार का लोग जिक्र नहीं कर रहे हैं और ये चाहते हैं कि ईरान इस्माइल हानिया की मौत भूल जाए.  

क्यों अपनी सरकार को घेर रहे अयातुल्ला?

ईरान के नए राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने अयातुल्ला अली खामेनेई के बयानों से दूरी बना ली है. वे कट्टरपंथी नहीं हैं और ऐसे बयानों से दूर रहते हैं. वे आगे, तनाव कम करने पर जो दे रहे हैं. इजरायल ने साफ कह दिया है कि जो भी इस जंग में उससे सीधे भिड़ेगा, तेहरान कांड को लेकर उसे घेरेगा, उसका जाना तय है. इजरायल उस पर हमला बोलेगा. यूरोपीय देशों और अमेरिका तक को इजरायल धमकी दे चुका है कि अगर किसी ने इसमें दखल देने की कोशिश की तो अंजाम ठीक नहीं होगा.