इजरायल-लेबनान सीजफायर के बाद IDF ने शेयर किया नया नक्शा, इन क्षेत्रों पर कब्जा करने का दावा
इजरायली सेना ने लेबनान के साथ युद्धविराम के बाद एक नया मैप जारी किया है. जिसमें दक्षिणी लेबनान में अपने नियंत्रण का दावा किया है. इस मैप के मुताबिक लेबनान के दर्जनों गांव इजरायल में शामिल है.
अमेरिका की मध्यस्थता में इजरायल और लेबनान के बीच युद्धविराम पर सहमति बन चुकी है. जिसके बाद फिलहाल दोनों पक्षों के बीच प्रत्यक्ष संघर्ष थम गया है. इस समझौते से पहले हिज्बुल्लाह और इजरायली सेना के बीच सीमा क्षेत्र में भारी गोलीबारी और हमले हुए थे. युद्धविराम लागू होने के कुछ दिनों बाद IDF ने दक्षिणी लेबनान में अपने नियंत्रण का दावा करते हुए एक नया मैप शेयर किया है .
IDF ने पहली बार विस्तृत जानकारी सार्वजनिक रूप से जारी की है. जारी किए गए नक्शे में पूर्व से पश्चिम तक एक लंबी डिप्लॉयमेंट लाइन दिखाई गई है, जो लेबनान की सीमा से अंदर की ओर 5 से 10 किलोमीटर तक फैली हुई है. इस क्षेत्र में लेबनान के दर्जनों गांव शामिल हैं, जिनमें से अधिकांश युद्ध के कारण खाली पड़े हुए हैं.
बफर जोन बनाने की तैयारी
इजरायली सेना इन गांवों पर नियंत्रण रख रही है और यहां एक बफर जोन बनाने की योजना बना रही है. बफर जोन उत्तरी इजरायल के शहरों और बस्तियों को हिज्बुल्लाह के संभावित रॉकेट हमलों और घुसपैठ से बचाने के उद्देश्य से तैयार किया जा रहा है. नक्शे के अनुसार, भूमध्य सागर से लेकर माउंट हर्मन क्षेत्र तक यह पट्टी लगातार बनी हुई है. इजरायली अधिकारियों का कहना है कि यह क्षेत्र हिज्बुल्लाह की सैन्य मौजूदगी से पूरी तरह मुक्त रहेगा.
इजरायली सेना ने इन नियंत्रित गांवों में मौजूद कई संरचनाओं को नष्ट कर दिया है. सेना का दावा है कि इन गांवों को हिज्बुल्लाह ने अपने ठिकानों के रूप में इस्तेमाल किया था. विनाश का मुख्य मकसद उत्तरी इजरायल की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, ताकि भविष्य में कोई खतरा न रहे. इजरायल पहले भी सीरिया और गाजा में इसी तरह के बफर जोन बना चुका है, जहां वह बड़े इलाकों पर नियंत्रण रखता है.
IDF ने जारी किया बयान
आईडीएफ के एक बयान में कहा गया है कि पांच डिवीजन इजरायली नौसेना बलों के साथ मिलकर दक्षिणी लेबनान में एक साथ कार्य कर रहे हैं. इन अभियानों का उद्देश्य हिज्बुल्लाह के आतंकी ढांचे को पूरी तरह नष्ट करना और उत्तरी इजरायल के निवासियों पर किसी भी प्रत्यक्ष खतरे को रोकना है. सेना ने स्पष्ट किया कि वे हिज्बुल्लाह की सैन्य क्षमता को कमजोर करने के लिए लक्षित कार्रवाई जारी रखेगी.