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अमेरिकी हमलों का ईरान ने दिया 'मुंहतोड़' जवाब, ओमान की खाड़ी में ट्रंप के सैन्य जहाज पर ड्रोन हमला

अमेरिका और ईरान की लड़ाई अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से आगे बढ़कर ओमान की खाड़ी तक पहुंच चुकी है. दोनों देशों के बीच तनाव एक बार फिर से बढ़ रहा है. अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की है.

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Edited By: Shanu Sharma
अमेरिकी हमलों का ईरान ने दिया 'मुंहतोड़' जवाब, ओमान की खाड़ी में ट्रंप के सैन्य जहाज पर ड्रोन हमला
Courtesy: X (@realgerhardtvdm)

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा सीजफायर अब खत्म ही होने वाला है. उससे पहले एक बार फिर से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है. अमेरिका द्वारा एक ईरानी जहाज पर हमले के बाद, ईरानी सेना ने भी ओमान सागर में एक अमेरिकी जहाज को निशाना बनाया है. इस दौरान ड्रोन हमले भी किए गए.

अमेरिकी सेना ने ईरानी मालवाहक जहाज तौस्का पर गोलीबारी की और उसे पूरी तरह हिरासत में ले लिया. उनका कहना है कि ईरान की यह जहाज होर्मुज के पास अमेरिकी नौसैनिकों द्वारा की गई नाकाबंदी को तोड़ने की कोशिश कर रहा था.  इस नाकाबंदी के बारे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले भी जानकारी दी थी.

अमेरिकी राष्ट्रपति ने पहले दी थी चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए इस एक्शन की पुष्टि की. उन्होंने लिखा कि चेतावनी को नजरअंदाज करने के बाद अमेरिकी मरीन जहाज पर चढ़ गए. अब जहाज पूरी तरह हमारी हिरासत में है और हम जांच कर रहे हैं कि उसमें क्या-क्या है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने की ओर से इसकी पुष्टि करते हुए वीडियो फुटेज जारी किया. इस वीडियो में अमेरिकी नौसेना के जवान जहाज को कब्जे में लेते नजर आ रहे हैं. ट्रंप का कहना है कि जहाज प्रतिबंधों के दायरे में था और अवैध गतिविधियों में शामिल था. हालांकि ईरान ने अमेरिकी कार्रवाई को सशस्त्र समुद्री डकैती करार दिया है. ईरानी सैन्य कमान खातम अल-अनबिया के प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिकी सेना ने जहाज पर गोलीबारी की, उसके नेविगेशन सिस्टम को निष्क्रिय किया और अपने सैनिकों को तैनात कर दिया. 

ईरानी हमले में अमेरिका को कितना नुकसान?

अमेरिका के इस एक्शन का जवाब देते हुए ईरानी सेना ने ओमान सागर में अमेरिकी सैन्य जहाजों पर ड्रोन हमले किए. हालांकि, हमलों के विस्तार, इस्तेमाल किए गए ड्रोनों की संख्या या अमेरिकी पक्ष को हुए नुकसान के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है. शुरू में ईरान ने जहाज जब्त होने से इनकार किया था और दावा किया था कि उसकी नौसेना ने अमेरिकी जहाजों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया, लेकिन बाद में अमेरिकी पुष्टि के बाद घटना को स्वीकार कर लिया गया. यह जहाज चीन से ईरान की ओर आ रहा था. इस घटना के बाद दोनों देशों के बीच होने वाले दूसरे राउंड बातचीत पर भी संकट मंडरा रहा है.