इजराइल की सुरक्षा एजेंसी शिन बेट और पुलिस ने सोमवार को दक्षिणी इजराइल के नेटिवोट शहर के एक निवासी को गिरफ्तार किया. उस पर दुश्मन देश के लिए जासूसी करने का संदेह है. दोनों एजेंसियों ने बताया कि जांच में पता चला कि 65 वर्षीय एडवर्ड योसेपोव ईरानी खुफिया एजेंटों के संपर्क में था.
"ईरानी एजेंटों के साथ संपर्क"
शिन बेट और पुलिस के मुताबिक, योसेपोव एक ऐसे एजेंट के संपर्क में था, जिसने खुद को दुबई में रहने वाला अजरबैजानी नागरिक बताया. इस एजेंट के निर्देश पर संदिग्ध ने इजराइली सेना (आईडीएफ) के ठिकानों, हाइफा बंदरगाह और परमाणु अनुसंधान केंद्र जैसे संवेदनशील सुरक्षा स्थलों की निगरानी और तस्वीरें खींचने का काम किया. जांच में यह भी सामने आया कि उसने अपने मिशन के लिए हाइफा में एक अपार्टमेंट किराए पर लिया, जहां से हाइफा बंदरगाह साफ दिखता था.
Israel ARRESTS citizen for spying on nuclear research facility ‘for Iran’ pic.twitter.com/elrji6ijlk
— RT (@RT_com) March 23, 2025Also Read
"क्रिप्टोकरेंसी में मिला पैसा"
एजेंसियों ने खुलासा किया कि योसेपोव को शुरू से ही शक था कि उसके हैंडलर यहूदी राज्य के खिलाफ शत्रुतापूर्ण संगठनों से हैं, फिर भी उसने जासूसी जारी रखी. अपने कार्यों के लिए उसे क्रिप्टोकरेंसी के जरिए आर्थिक मुआवजा मिला. यह मामला इजराइल की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरे को उजागर करता है, क्योंकि संदिग्ध ने जानबूझकर दुश्मन देश के हितों के लिए संवेदनशील जानकारी इकट्ठा की.
सुरक्षा पर बढ़ता खतरा
यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है, जब इजराइल पहले से ही क्षेत्रीय तनावों से जूझ रहा है. शिन बेट और पुलिस ने संयुक्त बयान में कहा कि जांच अभी जारी है और इस मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं. इस घटना ने विदेशी खुफिया एजेंसियों द्वारा इजराइली नागरिकों को भर्ती करने की कोशिशों पर सवाल उठाए हैं.