ईरानी जहाज पर पनडुब्बी से हमला, 80 लोगों की मौत; समुद्र में लापता हुए 100 से अधिक लोग
श्रीलंका रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने घटना की पुष्टि की है. एक प्रवक्ता ने बताया कि जैसे ही जहाज से आपातकालीन संदेश मिला, नौसेना ने तुरंत बचाव दल रवाना कर दिया.
नई दिल्ली: श्रीलंका के दक्षिणी समुद्री क्षेत्र में एक ईरानी जहाज पर कथित तौर पर पनडुब्बी से हमला किए जाने की खबर सामने आई है. इस हमले में भारी जनहानि की आशंका जताई जा रही है. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, जहाज पर सवार कई लोगों की मौत हो गई है, जबकि बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं.
हमले के बाद जहाज की ओर से संकट का संकेत (डिस्ट्रेस कॉल) भेजा गया, जिसके तुरंत बाद श्रीलंकाई सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आ गई. सूत्रों के अनुसार, जहाज पर कुल 180 लोग मौजूद थे. अब तक 80 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है. 32 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है, जबकि 100 से अधिक लोग समुद्र में लापता बताए जा रहे हैं. घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में भेजा गया है.
जहाज से आपातकालीन संदेश मिला
श्रीलंका रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने घटना की पुष्टि की है. एक प्रवक्ता ने बताया कि जैसे ही जहाज से आपातकालीन संदेश मिला, नौसेना ने तुरंत बचाव दल रवाना कर दिया. प्रवक्ता के मुताबिक, समुद्र में खोज और बचाव अभियान बड़े पैमाने पर जारी है. नौसेना के जहाजों और हेलीकॉप्टरों की मदद से लापता लोगों की तलाश की जा रही है.
जहाज पर हमला किसने किया?
हमला किसने और क्यों किया, इस बारे में फिलहाल आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है. सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की जांच में जुटी हैं. श्रीलंका के दक्षिणी तट पर हुई इस घटना ने क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है. समुद्री सुरक्षा को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं. फिलहाल राहत और बचाव कार्य प्राथमिकता पर है और प्रशासन का कहना है कि हर संभव प्रयास किया जा रहा है.
अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों के तहत कार्रवाई
श्रीलंका नौसेना के प्रवक्ता ने कहा कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों के तहत की गई. उन्होंने बताया कि हिंद महासागर में तय खोज और बचाव क्षेत्र के अंतर्गत आने के कारण श्रीलंका ने मदद की. गाले स्थित मुख्य अस्पताल को भी पहले से अलर्ट पर रखा गया था.
श्रीलंका ने सरकार क्या बताया?
जहाज किस वजह से डूबने की स्थिति में पहुंचा, इस पर अभी स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है. संसद में एक विपक्षी सांसद ने सवाल उठाया कि क्या अमेरिका और इजरायल के हमलों के तहत इस जहाज को निशाना बनाया गया था? हालांकि, सरकार ने इस पर कोई सीधा जवाब नहीं दिया.
मीडिल ईस्ट में तनाव
यह घटना ऐसे समय हुई है जब क्षेत्र में सैन्य तनाव बढ़ा हुआ है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख ने हाल ही में दावा किया था कि ईरान के 17 जहाजों को नष्ट किया जा चुका है. समुद्र में हुई इस ताजा घटना ने क्षेत्रीय सुरक्षा और समुद्री गतिविधियों को लेकर नई चिंताएं खड़ी कर दी हैं. फिलहाल, जहाज के डूबने के कारणों की जांच जारी है.