अमेरिका-ईरान युद्ध थमने के बजाय अब और तेजी से आगे बढ़ रहा है. ईरानी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिकि, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने पनामा के झंडे वाले कंटेनर जहाज MSC Sariska V को निशाना बनाने की जिम्मेदारी ली है.
ईरान की ओर से इसे अमेरिका के स्वामित्व वाला जहाज बताया गया. रिपोर्ट के मुताबिक आईआरजीसी ने साफ कहा कि इस पर एक क्रूज मिसाइल से हमला किया गया था. ईरान की ओर से इस हमले को जवाबी कार्रवाई बताई गई है. ओमान के तट के पास ईरान के जहाज पर हमला किया गया था, IRGC ने इसे उसका जवाब बताया है.
यूनाइटेड किंगडम मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने इस हमले के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस जहाज पर तब हमला किया गया जब वह उम्म कस्र बंदरगाह से लगभग 74 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व की ओर जा रहा था. तभी अचानक जहाज के राइट साइड यानी दाई ओर हमला कर दिया गया. इस हमले की वजह से जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी. साथ ही यह भी जानकारी दी गई कि जहाज में सवार चालक दल के सभी सदस्यों को सुरक्षित रूप से बचा लिया गया है. किसी भी सदस्य को कोई चोट नहीं लगी है. रिपोर्ट में बताया गया कि हमले के बाद भी जहाज अपनी आगे की यात्रा जारी रखते हुए अपने अगले बंदरगाह तक पहुंचने में सफल रहा.
गल्फ की एक रिपोर्ट जिसमें इराक के अलसुमारिया न्यूज का हवाला दिया गया है, उसमें भी जहाज की पहचान पनामा ध्वज वाले एमएससी SARISKA V के रूप में की गई है. रिपोर्ट में बताया गया कि उम्म कस्र बंदरगाह पर माल उतारने के बाद इराक के समुद्री क्षेत्र में, buoy नंबर पांच के पास जहाज पर एक धमाका हुआ. हालांकि इसमें आईआरजीसी के दावे के विपरीत यह कहा गया कि शुरुआती आकलन के मुताबिक यह धमाका किसी बाहरी हमले के बजाय जहाज के अंदर किसी यांत्रिक खराबी के कारण हुआ हो सकता है. सूत्रों का हवाला देते हुए रिपोर्ट में कहा गया कि अभी तक ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है, जिससे यह साबित हो सके कि जहाज पर जानबूझ कर हमला किया गया हो. अमेरिका और ईरान के बीच मामला सुलझने के बजाय और भी ज्यादा उलझता जा रहा है, जिसका असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है.