दुबई में अमेरिकी कॉन्सुलेट के पास एक के बाद एक ड्रोन हमला, आसमान में दिखा काले धुआं का गुब्बार; देखें वीडियो
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच शुरु हुआ संघर्ष अब पूरे मिडिल ईस्ट में फैल चुका है. दुबई में अमेरिकी कॉन्सुलेट के पास मंगलवार की देर रात दो ड्रोन हमले हुए हैं.
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष बढ़ता ही जा रहा है. अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त रूप से ईरान पर हमला किया, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई. जिसके बाद ईरान ने बदला लेने के लिए क्षेत्र भर में अमेरिकी और इज़राइली ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं.
दुबई में अमेरिकी कॉन्सुलेट के पास मंगलवार की देर रात एक संदिग्ध ड्रोन हमला हुआ. हमले से पार्किंग क्षेत्र में आग लग गई, स्थानीय लोगों ने जोरदार धमाका सुना. जिसके बाद आसमान में आग की लपटें और धुआं उठता नजर आया. पुलिस ने आसपास की सड़कों को घेर लिया और लोगों को इलाके से दूर किया. सोशल मीडिया पर इस हमले के बाद का वीडियो तेजी से फैल रहा है, जिसमें आसमान में काला धुआं नजर आ रहा है.
अमेरिकी विदेश मंत्री ने क्या कहा?
इस घटना की पुष्टि करते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि ड्रोन कॉन्सुलेट के पास पार्किंग में गिरा, जिससे आग लग गई. रुबियो ने स्पष्ट किया कि इस घटना में सभी स्टाफ सुरक्षित हैं. उन्होंने इसे ईरान की तरफ से अमेरिकी डिप्लोमैटिक स्थलों पर हमले का हिस्सा बताया.
मिडिल ईस्ट में बढ़ रहा तनाव
कुवैत में भी अमेरिकी दूतावास पर सोमवार को हमला हुआ, जिसके बाद आसमान ने काला धुआं का एक बड़ा गुब्बार नजर आया. ईरान खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य अड्डों और अन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है. संयुक्त अरब अमीरात ने कहा कि वह इस युद्ध में शामिल नहीं है.
विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया कि यूएई ने ईरानी हमलों के जवाब में अपनी रक्षा नीति नहीं बदली है. इसमें आगे कहा कि हमने अपने इलाके, समुद्र या हवाई क्षेत्र को ईरान के खिलाफ किसी हमले के लिए इस्तेमाल की इजाजत नहीं दी. यूएई ने 1,000 से ज्यादा हमलों का सामना किया, लेकिन जवाबी कार्रवाई नहीं की है. इस संघर्ष में धीरे-धीरे मिडिल ईस्ट के कई देश आ गए हैं. अमेरिका ने कई देशों में अपने नागरिकों को निकलने की सलाह दी है.