फाल्गुन मास की पूर्णिमा पर हर साल होली मनाई जाती है. यह त्योहार खुशियों और रंगों से भरा होता है. हालांकि होली की शुरुआत होलिका दहन से हो जाती है. आमतौर पर होलिका दहन के अगले दिन ही होली का त्योहार मनाया जाता है, लेकिन इस बार चंद्र ग्रहण के कारण बीच में एक दिन खाली रहा.
होली के दिन लोग रंग और गुलाल खेलते हैं और अच्छे-अच्छे पकवान भी बनाते हैं. लेकिन इस दिन को और भी ज्यादा खास बनाने के लिए आप खास तरीके से इसकी शुरुआत कर सकते हैं. सबसे पहले सुबह उठ कर नहा लें और फिर भगवान की पूजा जरूर करें.
आज के दिन की शुरुआत पूजा से करें. सबसे पहला रंग आप अपने भगवान पर चढ़ाएं. माना जाता है कि इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है और साल भर खुशहाली और मेल-मिलाप बना रहता है. रंग लगाने से पहले प्रार्थना जरूर करें. अपने प्रभु को शुक्रिया अदा करने का यह सबसे अच्छा तरीका है. भगवान से शांति, सुरक्षा और सुख की मांग की करें और फिर अपने दिन की शुरुआत जोश के साथ करें.
हिंदू रस्मों में गणेश जी की पूजा पहले होती है. होली की सुबह भी उन्हें सिंदूर या नारंगी गुलाल चढ़ाया जाता है. इस दिन मोदक का प्रसाद चढ़ाना खास है. होली का गहरा संबंध राधा और कृष्ण से भी माना जाता है. कहा जाता है कि उन्होंने सबसे पहले साथ होली खेली थी. इसलिए अपने घर के मंदिर में उनकी मूर्तियों पर अबीर-गुलाल जरूर लगाएं. इस दिन कृष्ण को हल्के या गहरे रंग जरूर चढ़ाए. विष्णु भक्त अपने नारायण पर पीला गुलाल चढ़ाते हैं. पीला रंग खुशहाली, ज्ञान और शुभता दिखाता है. इस दिन पीले फल और मिठाई चढ़ाना भी अच्छा माना जाता है. इससे घर में समृद्धि आती है. शिव मंदिरों में नीला या लाल गुलाल चढ़ाना शुभ होता है.
प्रभु को इस दिन बेलपत्र, राख और फूल भी अर्पित किए जाते हैं. इससे मन में अंदरूनी ताकत भरता है. माता लक्ष्मी को पीला गुलाल चढ़ाने से धन और सुख आता है. सरस्वती को सफेद फूल और पीला गुलाल लगाया जाता है. इससे ज्ञान बढ़ता है. हनुमान जी को सिंदूर वाला गुलाल चढ़ाया जाता है. इससे हिम्मत और बल मिलता है. दुर्गा मां को लाल गुलाल पसंद है. अपनी होली की शुरुआत अपने भगवान के साथ करें इससे आपका दिन और भी ज्यादा खुश होगा.