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'युद्धविराम में सेना फिर से खड़ी हो गई है, अगर हमला किया तो...', ईरान ने अमेरिका को दी कड़ी चेतावनी

ईरान ने अमेरिका को दोबारा युद्ध शुरू करने पर कड़ी चेतावनी दी है. ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने कहा कि संघर्षविराम के दौरान सेना ने अपनी ताकत फिर से खड़ी कर ली है और अब जवाब पहले से ज्यादा कठोर होगा.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
'युद्धविराम में सेना फिर से खड़ी हो गई है, अगर हमला किया तो...', ईरान ने अमेरिका को दी कड़ी चेतावनी
Courtesy: X

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है. ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने साफ शब्दों में कहा है कि अगर अमेरिका ने दोबारा हमला करने की गलती की तो उसे पहले से कहीं ज्यादा भारी नुकसान उठाना पड़ेगा. गालिबाफ का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी खुफिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि ईरान ने युद्ध के बाद अपनी सैन्य ताकत को तेजी से दोबारा तैयार करना शुरू कर दिया है. फरवरी में अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमलों के बाद शुरू हुए संघर्ष ने पूरे पश्चिम एशिया को हिला दिया था.

संघर्षविराम के दौरान खड़ी की सेना

गालिबाफ ने सोशल मीडिया पर कहा कि संघर्षविराम का समय ईरान ने कमजोरी में नहीं बल्कि तैयारी में बिताया है. उनके मुताबिक ईरानी सेना ने मिसाइल सिस्टम, ड्रोन नेटवर्क और कई अहम सैन्य ढांचों को फिर से खड़ा कर लिया है. उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम लेते हुए कहा कि अगर अमेरिका ने दोबारा युद्ध शुरू किया तो उसका जवाब पहले दिन से कहीं ज्यादा कुचल देने वाला होगा. ईरान का यह बयान केवल चेतावनी नहीं बल्कि शक्ति प्रदर्शन के तौर पर भी देखा जा रहा है. क्षेत्रीय जानकार मानते हैं कि तेहरान अब दुनिया को यह संदेश देना चाहता है कि वह लंबे युद्ध के बाद भी कमजोर नहीं पड़ा है.

अमेरिकी रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता

कुछ दिन पहले अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि ईरान ने फिर से ड्रोन उत्पादन शुरू कर दिया है. CNN की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को उम्मीद नहीं थी कि ईरान इतनी जल्दी अपनी सैन्य क्षमता बहाल कर लेगा. रिपोर्ट में कहा गया कि मिसाइल लॉन्चर, हथियार उत्पादन केंद्र और कई अहम ठिकाने तेजी से दोबारा तैयार किए जा रहे हैं. यह जानकारी सामने आने के बाद व्हाइट हाउस में भी चिंता बढ़ गई है. अमेरिकी प्रशासन के भीतर फिर से सैन्य कार्रवाई को लेकर चर्चा होने की खबरें सामने आ रही हैं. इसी वजह से ईरान की नई चेतावनी को काफी गंभीर माना जा रहा है.

पाकिस्तान बना बातचीत का जरिया

इसी बीच पाकिस्तान भी इस पूरे मामले में सक्रिय दिखाई दे रहा है. पाकिस्तान सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने तेहरान पहुंचकर ईरानी नेताओं से मुलाकात की. ईरानी मीडिया के मुताबिक उन्होंने राष्ट्रपति मसूद पेजेस्कियान और विदेश मंत्री अब्बास अराघची से बातचीत की. चर्चा का मुख्य मुद्दा युद्ध खत्म कराने के लिए तैयार किया गया 14 सूत्रीय प्रस्ताव था. बता दें कि पाकिस्तान खुद को मध्यस्थ के रूप में पेश कर रहा है ताकि दोनों देशों के बीच तनाव कम हो सके. हालांकि ईरान ने साफ कर दिया कि वह अपने राष्ट्रीय अधिकारों पर किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा.

भरोसे की कमी बनी सबसे बड़ी दीवार

गालिबाफ ने अमेरिका पर भरोसा न करने की बात भी दोहराई. उन्होंने कहा कि ईरान ऐसे पक्ष पर विश्वास नहीं कर सकता जो बातचीत में ईमानदार नहीं है. यह बयान बताता है कि दोनों देशों के बीच केवल सैन्य नहीं बल्कि भरोसे का संकट भी गहरा चुका है. एक तरफ कूटनीतिक बातचीत चल रही है तो दूसरी तरफ युद्ध की आशंका भी खत्म नहीं हुई है. पश्चिम एशिया में हालात अभी भी बेहद संवेदनशील बने हुए हैं. दुनिया की नजर अब इस बात पर टिकी है कि क्या बातचीत से समाधान निकलेगा या फिर यह तनाव किसी बड़े संघर्ष में बदल जाएगा.