नई दिल्ली: चीन के प्रमुख कोयला उत्पादक क्षेत्र शानक्सी प्रांत में स्थित एक बड़ी कोयला खदान में हुए भयानक गैस विस्फोट में अब तक कम से कम 90 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य अब भी लापता हैं. इस संकट की घड़ी में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट की हैं.
इस दिल दहला देने वाले हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक बेहद भावुक संदेश साझा किया. पीएम मोदी ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और वहां की जनता के प्रति भारत की तरफ से गहरी सहानुभूति व्यक्त की. उन्होंने अपने संदेश में कहा कि दुर्घटना के बारे में जानकर उन्हें अत्यंत दुख हुआ है. उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि पीड़ित परिवारों को यह असीम दुख सहने की शक्ति मिले और लापता मजदूरों को जल्द सुरक्षित निकाला जा सके.
चीन की सरकारी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह भीषण हादसा शुक्रवार देर शाम शानक्सी प्रांत के किनयुआन काउंटी में संचालित 'लियुशेन्यु कोयला खदान' के भीतर हुआ. जिस वक्त खदान की गहराइयों में यह जोरदार धमाका हुआ, उस समय जमीन के नीचे कुल 247 मजदूर काम कर रहे थे. धमाका इतना जबरदस्त था कि खदान का एक बड़ा हिस्सा ढह गया, जिससे मजदूरों को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिल सका.
शनिवार को भी दुर्घटनास्थल पर राहत और बचाव अभियान जारी रहा. मलबे से अब तक 123 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालकर विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कई की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है. राहत कार्य में जुटे एक कर्मचारी ने बताया कि अभी भी नौ मजदूर लापता हैं.
इस भीषण हादसे को गंभीरता से लेते हुए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने स्थानीय प्रशासन को व्यापक बचाव अभियान चलाने और घायलों को बेहतरीन चिकित्सा सुविधा देने के कड़े निर्देश जारी किए हैं. इसके साथ ही उन्होंने इस लापरवाही की गहन तकनीकी जांच के आदेश देते हुए साफ किया कि जो भी दोषी होगा, उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने बाढ़ के आगामी सीजन को देखते हुए देश भर में सुरक्षा मानकों को मजबूत करने को कहा है.
प्रशासनिक दावों के विपरीत चीन के विशाल कोयला खनन क्षेत्र में खराब कामकाजी हालात और नियमों की अनदेखी के कारण ऐसे जानलेवा हादसे बेहद आम हैं. शानक्सी के इस धमाके को हाल के वर्षों की सबसे घातक आपदा माना जा रहा है. इससे पहले साल 2005 में लियाओनिंग प्रांत की सुनजियावान खदान में हुए एक बड़े गैस विस्फोट में 214 खनिकों की जान चली गई थी. इस लियुशेन्यु खदान का मालिकाना हक शानक्सी टोंगझोउ ग्रुप के पास है.