'समझदार होंगे तो हमला नहीं करेंगे, वरना...' , ट्रंप के बयान पर ईरान का पलटवार
ट्रंप की ओर से ईरान के खिलाफ संभावित नए सैन्य अभियान की धमकी के बाद ईरान ने पलटवार किया है. विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि दोबारा हमला हुआ तो ईरान जवाब देगा.
ट्रंप की धमकी के बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका और इजरायल को कड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि अगर ईरान के खिलाफ दोबारा युद्ध शुरू किया गया तो उनका देश जवाब देने से पीछे नहीं हटेगा. साथ ही उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही और सुरक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव के संकेत दिए हैं.
मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई के संकेत दिए जाने के बाद अब तेहरान ने भी कड़ा रुख अपनाया है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ कहा है कि अगर दोबारा युद्ध शुरू होता है तो ईरान जवाब देने से पीछे नहीं हटेगा.
अराघची ने क्या कहा?
अराघची ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर भी बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि करीब 40 दिनों तक चले भीषण युद्ध के बाद क्षेत्र की परिस्थितियां पूरी तरह बदल गई हैं. ऐसे में होर्मुज जल मार्ग से जहाजों की आवाजाही और उसकी सुरक्षा व्यवस्था भी पहले जैसी नहीं रह सकती.
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होर्मुज को लेकर बदलेगी व्यवस्था
ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि दशकों से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुला रहा है. ईरान और ओमान ने समुद्री आवाजाही में रुकावट पैदा नहीं की और सुरक्षा के साथ पर्यावरण की रक्षा पर भी ध्यान दिया. लेकिन मौजूदा युद्ध के बाद हालात बदल गए हैं.
अराघची के मुताबिक, अब नई परिस्थितियों को स्वीकार करना होगा. होर्मुज के जरिए जहाजों की आवाजाही का रास्ता पहले जैसा नहीं रहेगा और इसके प्रबंधन में भी बदलाव किया जाएगा. उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर ईरान और ओमान के बीच बातचीत हुई है और आगे भी चर्चा जारी रहेगी.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में शामिल है. यहां किसी भी तरह की पाबंदी या अस्थिरता का असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है. इसलिए ईरान की ओर से व्यवस्था में बदलाव के संकेत को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
'तीसरी बार कोशिश का नतीजा भी अलग नहीं होगा'
अराघची ने अमेरिका और इजरायल को सीधे चेतावनी देते हुए कहा कि युद्ध हो या न हो, ईरान की नीतियों में बदलाव नहीं होगा. उन्होंने कहा कि अगर कोई समझदार होगा तो वह ईरानी लोगों के खिलाफ दूसरी बार सैन्य हमला करने की कोशिश नहीं करेगा.
उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजरायल पहले दो बार कोशिश कर चुके हैं और उनके नतीजे देख चुके हैं. अगर वे एक बार फिर ऐसा करने की कोशिश करते हैं तो यह उनकी पसंद होगी, लेकिन उन्हें पिछली कोशिशों से अलग नतीजा नहीं मिलेगा.
ट्रंप ने क्या कहा था?
ईरान का यह कड़ा बयान ट्रंप के उस रुख के बाद आया है, जिसमें उन्होंने ईरान के खिलाफ एक और सैन्य अभियान चलाए जाने की संभावना का संकेत दिया था. ट्रंप ने इसे 'एपिक फ्यूरी' अभियान के तौर पर भी संदर्भित किया है.
हालांकि, ट्रंप ने यह भी संकेत दिया था कि 3 नवंबर के अमेरिकी मिडटर्म चुनाव से पहले किसी नए हमले की संभावना कम है और मौजूदा युद्ध जल्द खत्म हो सकता है. ऐसे में एक तरफ जहां बातचीत और तनाव कम करने की संभावना बनी हुई है, वहीं दोनों देशों के बीच तीखे बयानों से सैन्य टकराव का खतरा भी बरकरार है.