चाचा के घर से सोना चुराकर खरीदी थार, फिर चाचा को ही कार की पूजा में बुलाया
यह मामला कोल्हापुर की पन्हाला तहसील में स्थित सतवे गांव का है. आरोपी की पहचान समर चव्हाण के रूप में हुई है जो अपने चाचा उमेश मारुति चव्हाण के घर के पास ही रहता था.
महाराष्ट्र के कोल्हापुर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है जहां एक शख्स ने अपने चाचा के घर से 15 तोले सोना चुरा लिया और थार खरीदने के लिए उसे 10 लाख रुपए में बेच दिया. यही नहीं हद तो तब हो गई जब उसने अपनी नई थार के पूजन पर अपने चाचा को आमंत्रित किया. चाचा को क्या पता था कि उनके भतीजे ने जो थार खरीदी है वह उनकी के घर से चुराए गए सोने को बेचकर आई है. यह पूरी घटना सतवे गांव में चर्चा का विषय बन गई.
यह मामला कोल्हापुर की पन्हाला तहसील में स्थित सतवे गांव का है. आरोपी की पहचान समर चव्हाण के रूप में हुई है जो अपने चाचा उमेश मारुति चव्हाण के घर के पास ही रहता था.
एक महीने पहले की चोरी
समर ने कथित तौर पर एक महीने पहले अपने चाचा के घर से 15 लाख रुपए का सोना चुराया. उसने एक स्थानीय ज्वैलर संग्राम बाबासो मोरे की मदद से इस सोने को 10 लाख रुपए में बेच दिया और इसके बाद इस पैसे से थार खरीद ली.
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कार की पूजा के लिए चाचा को भेजा न्योता
कार खरीदने के बाद उसने उसके पूजन के लिए अपने चाचा को भी बुलाया. हालांकि उसके चाचा को चोरी की भनक तब लगी जब उसने कार के पूजन के दौरान गहने पहने का विचार किया. उसने देखा कि उसके सारे गहन गायब हैं.
ऐसे हुआ चोरी का शक
उनका शक उस समय और गहरा हो गया जब उन्होंने देखा कि उनकी दादी के गहने जो पास में ही रखे थे, वो बिल्कुल सुरक्षित थे, लेकिन उनके और उनकी पत्नी के गहने गायब थे. इससे परिवार को यह संदेह हुआ कि इस चोरी के पीछे कोई करीबी या घर का सदस्य हो सकता है. दो दिन पहले उमेश ने खोए हुए गहनों को लेकर कोडोली थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके तुरंत बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की.
पुलिस के सामने कबूल किया जुर्म
जांच के दौरान पुलिस को समर द्वारा नई कार खदीरने का पता चला. जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी पुलिस ने समर पर शिकंजा कस दिया और आखिरकार समर ने अपना जुर्म कबूल कर लिया. समर के कबूलनामे पर पुलिस ने समर और ज्वैलर संग्राम मोरे को हिरासत में ले लिया.