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Middle East Crisis: 'ट्रंप के कार्यकाल तक चलता रहेगा ईरान युद्ध', ब्रिगेडियर ने कहा- अमेरिका को भारी पड़ेगा संघर्ष

ईरान युद्ध को लेकर बड़ा दावा सामने आया है. ईरानी अधिकारी ने कहा कि अमेरिका से संघर्ष ट्रंप के कार्यकाल तक खिंच सकता है. होर्मुज जलडमरूमध्य भी अहम मुद्दा है.

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Edited By: Reepu Kumari
Middle East Crisis: 'ट्रंप के कार्यकाल तक चलता रहेगा ईरान युद्ध', ब्रिगेडियर ने कहा- अमेरिका को भारी पड़ेगा संघर्ष
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: ईरान युद्ध को लेकर एक वरिष्ठ ईरानी सैन्य अधिकारी के बयान ने अंतरराष्ट्रीय तनाव बढ़ा दिया है. इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के वरिष्ठ सलाहकार ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद रजा नकदी ने कहा कि ईरान अमेरिका के साथ संघर्ष को डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति कार्यकाल के अंत तक खींच सकता है. उनके मुताबिक लंबा संघर्ष ईरान को सैन्य अनुभव और प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का अवसर देगा. उन्होंने अमेरिका की सैन्य रणनीति पर भी सवाल उठाए और ईरान को बढ़त में बताया.

ट्रंप के कार्यकाल तक युद्ध खींचने की बात

ईरानी अधिकारी ने कहा कि ईरान का लक्ष्य ऐसी प्रतिरोधक क्षमता हासिल करना है, जिससे भविष्य में कोई भी देश उस पर हमला करने से पहले संभावित नुकसान के बारे में सोचे. नकदी के मुताबिक संघर्ष को लंबा खींचना इसी रणनीति का हिस्सा हो सकता है. उनका कहना है कि लंबे युद्ध से ईरान को अनुभव मिलेगा और उसके विरोधियों को हमले की भारी कीमत चुकाने का संदेश जाएगा.

अमेरिका के दो लक्ष्यों का किया दावा

मोहम्मद रजा नकदी ने अमेरिकी कार्रवाई को लेकर दावा किया कि अमेरिका के दो प्रमुख उद्देश्य थे. पहला ईरान के नेतृत्व को हटाना और दूसरा देश को विभाजित करना. उन्होंने कहा कि ये दोनों लक्ष्य हासिल नहीं हो सके. नकदी ने दावा किया कि संघर्ष के दौरान ईरान ने अपनी क्षमता दिखाई और अमेरिकी सेना के बारे में उसकी धारणा भी बदली है.

ईरानी अधिकारी के प्रमुख दावे

  • अमेरिका के कथित उद्देश्य पूरे नहीं हुए.
  • लंबे संघर्ष से ईरान को सैन्य अनुभव मिलेगा.
  • ईरान अपनी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना चाहता है.
  • अमेरिकी सैन्य रणनीति को लेकर सवाल उठाए गए.
  • ईरान के पास बड़ी संख्या में मिसाइल और ड्रोन होने का दावा किया गया.

होर्मुज जलडमरूमध्य पर भी बढ़ा तनाव

संघर्ष के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य का मुद्दा बेहद अहम बना हुआ है. यह क्षेत्र दुनिया के लिए महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में शामिल है और यहां तनाव बढ़ने से तेल आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका रहती है.नकदी ने युद्ध के दौरान समुद्री रास्तों पर नियंत्रण को लेकर अंतरराष्ट्रीय कानून का हवाला दिया. उन्होंने कहा कि युद्ध की स्थिति में ईरान किसी ऐसे रास्ते को नियंत्रित कर सकता है, जिसे वह अपने लिए खतरा मानता है.

मिसाइल और ड्रोन को लेकर बड़ा दावा

ईरानी अधिकारी ने दावा किया कि देश के पास मिसाइल और ड्रोन का बड़ा भंडार मौजूद है. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान जितने हथियार इस्तेमाल कर रहा है, उससे अधिक संख्या में उनका उत्पादन करने की क्षमता रखता है. यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य तनाव को लेकर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है. किसी भी नए हमले या जवाबी कार्रवाई से क्षेत्रीय स्थिति और गंभीर हो सकती है.

परमाणु हमले पर क्या बोले नकदी?

जब उनसे पूछा गया कि अगर अमेरिका ईरान के खिलाफ परमाणु हथियार का इस्तेमाल करता है तो क्या होगा, उन्होंने कहा कि दुनिया ऐसा होने की अनुमति नहीं देगी. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान को अमेरिका के आम लोगों से दुश्मनी नहीं है. उनके मुताबिक अमेरिका विरोधी नारे का निशाना वहां का नेतृत्व है, आम नागरिक नहीं.

ईरान ने परमाणु हथियार को लेकर कही बड़ी बात

नकदी ने कहा कि ईरान की ताकत उसके लोगों में है और देश को अपने लक्ष्यों के लिए परमाणु बम की जरूरत नहीं है. उन्होंने परमाणु हथियारों के बजाय विचारधारा और लोगों के समर्थन को अपनी ताकत बताया. हालांकि, ईरानी अधिकारी के बयान युद्ध की स्थिति और तेहरान की रणनीति पर आधारित दावे हैं. इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अलग अलग स्रोतों से जरूरी है. अमेरिका और ईरान के बीच किसी भी बातचीत या सैन्य कार्रवाई का असर पूरे पश्चिम एशिया और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है.