ईरान में हाहाकार, US-इजरायल के हमलों में अब तक 787 मौतें; मिडिल ईस्ट में महायुद्ध की आहट
मध्य पूर्व में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच भीषण युद्ध जारी है. अयातुल्ला खामेनेई की मौत और 787 लोगों की जान जाने के बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य बंद कर जवाबी हमले तेज कर दिए हैं.
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में संघर्ष अपने चौथे दिन में प्रवेश कर चुका है, जो आधुनिक इतिहास का सबसे भयावह संकट बन गया है. ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी इस जंग में अब तक 787 लोग मारे जा चुके हैं. जिनमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और उनके परिवार के सदस्य भी शामिल हैं. अमेरिका इन हमलों को अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी बता रहा है. जबकि ईरान की जवाबी कार्रवाई ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है.
खामेनेई की हत्या के बाद ईरान ने बहरीन, इराक, कुवैत और यूएई में स्थित कम से कम छह अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलों और ड्रोनों से हमला किया है. मंगलवार सुबह रियाद में अमेरिकी दूतावास को भी निशाना बनाया गया. हालांकि वहां कोई हताहत नहीं हुआ है, लेकिन अमेरिका ने अपने नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने का आदेश दिया है. उपग्रह तस्वीरों में इन ठिकानों को हुए नुकसान की पुष्टि स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है.
हवाई क्षेत्र बंद और लोगों में खौफ
ईरान के हमलों का दायरा अब अन्य खाड़ी देशों तक फैल गया है. दुबई और अबू धाबी जैसे शहरों में मिसाइलों के मलबे गिरने से नागरिकों की मौत हुई है और संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है. सुरक्षा के मद्देनजर यूएई सहित कई पड़ोसी देशों ने अपना हवाई क्षेत्र अस्थायी रूप से बंद कर दिया है. इससे वैश्विक विमानन सेवाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं और लाखों यात्री विभिन्न हवाई अड्डों पर फंसे हुए हैं.
होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी
रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को ईरान ने पूरी तरह बंद कर दिया है. तेहरान ने कड़ी चेतावनी दी है कि इस मार्ग से गुजरने वाले किसी भी जहाज को निशाना बनाकर नष्ट कर दिया जाएगा. इस कदम ने अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में हड़कंप मचा दिया है. दुनिया भर में कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित होने से ईंधन की कीमतों में भारी उछाल आने की आशंका है, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था को हिला सकता है.
मिनाब में मासूमों की विदाई
शनिवार को मिनाब शहर के एक बालिका विद्यालय पर हुए हमले ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया था. इस हमले में 165 स्कूली छात्राओं और स्टाफ की मौत हो गई थी. मंगलवार को इन मासूमों का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें हजारों लोगों की भीड़ उमड़ी. ईरानी अधिकारियों ने इस कत्लेआम के लिए सीधे तौर पर अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है. लोगों की आंखों में आंसू और दिल में गहरा आक्रोश है.
अनिश्चितता और युद्धविराम की अपील
युद्ध के चौथे दिन भी दोनों पक्षों के तेवर नरम नहीं पड़े हैं. अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार युद्धविराम की अपील कर रहा है, लेकिन फिलहाल कोई ठोस समाधान निकलता नहीं दिख रहा है. पूरे खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले लोग भारी मानसिक तनाव और अनिश्चितता के दौर से गुजर रहे हैं. यदि जल्द ही कूटनीतिक प्रयास सफल नहीं हुए, तो यह संघर्ष एक विनाशकारी क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकता है, जिससे बचाव का कोई रास्ता नहीं बचेगा.
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