menu-icon
India Daily

'गाजा से लेकर मीनाब तक...', US-इजरायल के हमले में मारी गई 160 लड़कियों की कब्रों की तस्वीर शेयर कर बोले ईरान के विदेश मंत्री

अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में ईरान के एक स्कूल की 160 लड़कियों की मौत हो गई. जिनकी तस्वीर शेयर करते हुए ईरान के विदेश मंत्री ने पोस्ट शेयर किया है.

shanu
Edited By: Shanu Sharma
'गाजा से लेकर मीनाब तक...',  US-इजरायल के हमले में मारी गई 160 लड़कियों की कब्रों की तस्वीर शेयर कर बोले ईरान के विदेश मंत्री
Courtesy: X (@araghchi)

अमेरिका और इजरायल संयुक्त रुप से ईरान पर हमला कर रहा है. इसी बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया एक दुखद पोस्ट शेयर किया. जिसमें उन्होंने इजरायली-अमेरिका बमबारी के दौरान एक प्राइमरी स्कूल की 160 से ज्यादा लड़कियों का कब्र नजर आया. अब्बास ने इन लड़कियों की हत्या की निंदाकी.

अराघची द्वारा शेयर किए गए तस्वीर में एक साथकई लाइने नजर आ रही है. जिमें क्रेन कब्र बनाता भी नजर आ रहा है. इस फोटो के साथ ईरानी विदेश मंत्री ने लिखा कि ये कब्रें US-इज़राइली बमबारी में एक प्राइमरी स्कूल में मारी गई 160 से ज़्यादा मासूम लड़कियों के लिए खोदी जा रही थीं.

ईरानी विदेश मंत्री ने ट्रंप पर बोला हमला

ईरानी विदेश मंत्री ने बताया कि इस हमले में स्कूल की लड़कियों के शरीर टुकड़ों में बट गए थे. उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन दावों पर हमला बोला, जिसमें ट्रंप ने ईरान के नागरिकों की रक्षा की  बात कही थी. उन्होंने लिखा कि मिस्टर ट्रंप का वादा किया हुआ 'बचाव' असल में ऐसा ही दिखता है. गाज़ा से लेकर मिनाब तक, मासूमों की बेरहमी से हत्या की गई है. ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, दक्षिणी ईरान में एक प्राइमरी स्कूल पर हवाई हमले में बच्चों समेत 150 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई. वहीं अल जजीरा ने मरने वालों की संख्या 165 बताई है.

IRGC के बेस से सटे था स्कूल

ईरान के इन आरोपों को लेकर अमेरिका ने कहा कि वह इस घटना के बारे में जानकारी इकट्ठा कर रहा है. वहीं इजरायल की ओर से कहा गया कि उसे इलाके में IDF के किसी भी ऑपरेशन की कोई जानकारी नहीं है. बता दें कि लड़कियों का यह स्कूल होर्मोज़गान प्रांत के मिनाब शहर में था, जो इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स बेस के काफी करीब है. IRGC के बेस को पहले भी निशाना बनाया गया था. UNESCO ने भी मिलिट्री हमलों पर चिंता जताई और कहा कि पढ़ाई के लिए बनी जगह पर स्टूडेंट्स को इंटरनेशनल मानवीय कानून के तहत सुरक्षा मिलती है. यह हमले स्टूडेंट्स और टीचरों को खतरे में डालते हैं और शिक्षा के अधिकार को कमजोर करते हैं. ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत के बाद ईरान में 40 दिनों का पब्लिक शोक है.