नई दिल्ली: लश्कर ए तैयबा के वरिष्ठ आतंकी और पहलगाम आतंकी हमले के मास्टरमाइंड सैफुल्लाह कसूरी का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह खुले मंच से भारत को धमकी देता नजर आ रहा है. कसूरी ने दावा किया है कि भारत उससे डरता है और उसकी मौजूदगी ही नई दिल्ली के लिए चिंता का कारण है. यह बयान उसने पाकिस्तान के एक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बच्चों को संबोधित करते हुए दिया.
सैफुल्लाह कसूरी आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा के सरगना हाफिज सईद का डिप्टी चीफ है. इस वीडियो में कसूरी ने पाकिस्तान सेना और लश्कर ए तैयबा के बीच सीधे संबंधों को भी स्वीकार किया है. उसने कहा कि पाकिस्तान सेना उसे नियमित रूप से अपने कार्यक्रमों में बुलाती है. कसूरी ने यह भी दावा किया कि उसे पाकिस्तानी सैनिकों की जनाजे की नमाज पढ़ाने के लिए सेना की ओर से न्योता मिलता है. उसने मंच से कहा कि पाकिस्तान सेना उसे औपचारिक निमंत्रण भेजती है.
🚨🇵🇰👹 Osint Alert:
— Naren Mukherjee (@NMukherjee6) January 11, 2026
Straight from the horse’s mouth.
Pahalgam mastermind and Lashkar-e-Taiba Deputy Chief Saifullah Kasuri openly claims that the Pakistan Army invites him to lead funeral prayers of its own soldiers. He boasts that India is rattled and fearful of his presence. pic.twitter.com/FKvHvcAWZA
कसूरी का यह बयान पाकिस्तान सरकार के उन दावों के बिल्कुल उलट है, जिसमें वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई की बात करती रही है. इस सार्वजनिक स्वीकारोक्ति से पाकिस्तान सेना और प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के बीच मिलीभगत उजागर होती है. विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के बयान पाकिस्तान के दोहरे रवैये को दुनिया के सामने लाते हैं.
कसूरी ने अपने भाषण में भारत की सैन्य कार्रवाई ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया. उसने माना कि भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी ढांचे को नुकसान पहुंचाया. हालांकि उसने यह भी कहा कि भारत ने केवल आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर गलती की है. कसूरी ने कश्मीर को लेकर आतंकी संगठन के एजेंडे को दोहराते हुए कहा कि उनका मिशन कभी खत्म नहीं होगा.
इससे पहले एक रैली में कसूरी ने यह भी कहा था कि पहलगाम आतंकी हमले का मास्टरमाइंड बताए जाने के बाद वह पूरी दुनिया में मशहूर हो गया है. उसने यह बयान पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के कसूर इलाके में दिया था.
गौरतलब है कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 नागरिकों की मौत हुई थी. 7 मई को इसके जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया. इस ऑपरेशन के तहत पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर हमला किया गया. चार दिनों तक ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद 10 मई को भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष रोकने को लेकर सहमति बनी. भारत ने साफ किया कि आतंकवाद के खिलाफ उसकी नीति में कोई नरमी नहीं होगी.