राजस्थान: कजाकिस्तान के अल्माटी शहर के पास एक दुखद सड़क हादसे में राजस्थान के एक युवा मेडिकल छात्र की जान चली गई, जिससे उसके परिवार और गांव में गहरा सदमा है. कोटपूतली-बहरोड़ जिले के 25 साल के छात्र राहुल यादव की मौत अपनी मेडिकल डिग्री पूरी होने से कुछ महीने पहले ही हो गई.
राहुल नांगल खोड़िया गांव का रहने वाला था और साउथ कजाकिस्तान मेडिकल एकेडमी में पढ़ रहा था. वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था और उसकी एक बड़ी बहन है, जिसकी शादी हो चुकी है. राहुल डॉक्टर बनने का अपना सपना पूरा करने के लिए 4 सितंबर, 2025 को कजाकिस्तान गया था. उसके परिवार ने बताया कि उसे इस साल जून में अपनी डिग्री पूरी करनी थी, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था.
परिवार के मुताबिक, यह हादसा 6 जनवरी को अल्माटी के पास एक गांव में हुआ. राहुल अपने चार दोस्तों के साथ एक छोटी यात्रा पर गया था. यात्रा के दौरान उनकी कार का एक गंभीर हादसा हो गया. टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार ड्राइवर और दो अन्य दोस्तों की मौके पर ही मौत हो गई. राहुल और एक और छात्र मनजीत बुरी तरह घायल हो गए और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया.
लगातार इलाज के बावजूद राहुल बच नहीं पाया. 9 जनवरी की दोपहर को उसकी मौत हो गई. उसकी मौत की खबर से परिवार पूरी तरह टूट गया. राहुल के पिता दीपचंद ने बताया कि उन्हें 6 जनवरी को हादसे के बारे में पहली जानकारी मिली थी, लेकिन परिवार को अभी भी उसके ठीक होने की उम्मीद थी.
शनिवार दोपहर करीब 3:30 बजे राहुल का शव कजाकिस्तान से दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट लाया गया. वहां से उसे अंतिम संस्कार के लिए उसके पैतृक गांव ले जाया गया. ग्रामीण अंतिम दर्शन के लिए इकट्ठा हुए, और गांव का माहौल भावुक और शांत हो गया.
राहुल के पिता दीपचंद हरियाणा के गुरुग्राम में टैक्सी ड्राइवर का काम करते हैं. पड़ोसियों ने राहुल को एक होशियार और विनम्र छात्र बताया जो जब भी घर आता था तो सभी से गर्मजोशी से मिलता था. उन्होंने बताया कि वह मेहनती था और अपनी पढ़ाई पर ध्यान देता था, और उसका सपना डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करना था. राहुल की असमय मौत से न सिर्फ उसका परिवार बल्कि पूरा गांव शोक में डूब गया है.