इजरायल और अमेरिका के खिलाफ ईरान कर रहा खतरनाक तैयारी, चीन की सीक्रेट मदद से बना रहा मिसाइल और परमाणु हथियार

ईरान विरोध प्रदर्शनों को कुचलने के बाद इजरायल और अमेरिका के खिलाफ बड़े युद्ध की तैयारी कर रहा है. मिसाइल और परमाणु कार्यक्रम तेज होने से वैश्विक शांति पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है.

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Km Jaya

नई दिल्ली: ईरान एक बार फिर इजरायल और अमेरिका के खिलाफ बड़े टकराव की तैयारी करता नजर आ रहा है. खामेनेई के नेतृत्व वाले इस्लामिक शासन ने देश में हो रहे भारी विरोध प्रदर्शनों को बेरहमी से कुचल दिया है. रिपोर्टों के अनुसार इन प्रदर्शनों में हजारों लोगों की जान गई है. कुछ रिपोर्ट्स में मृतकों की संख्या 12000 से ज्यादा बताई जा रही है.

आंतरिक अस्थिरता के बीच अब ईरान बाहरी दुश्मनों के खिलाफ खुद को युद्ध के लिए तैयार कर रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि यह तैयारी दुनिया के लिए गंभीर खतरा बन सकती है. विश्लेषकों का मानना है कि ईरान का नेतृत्व अंदरूनी डर के कारण आक्रामक रणनीति अपना रहा है.

ईरान क्या कर रहा प्लानिंग?

ब्रिटिश मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ईरान अपने बैलिस्टिक मिसाइल और परमाणु हथियार कार्यक्रम को तेजी से आगे बढ़ा रहा है. कहा जा रहा है कि पिछले साल अमेरिकी हमलों के बावजूद ईरान का बड़ा परमाणु भंडार सुरक्षित बच गया था. इसमें करीब आधा टन समृद्ध यूरेनियम शामिल है. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान भविष्य में इजरायल पर 2000 मिसाइलों से हमला करने की योजना बना रहा है.

यह हमला पहले हुए 12 दिन के युद्ध से भी कहीं ज्यादा विनाशकारी हो सकता है. जून में हुए हमलों के दौरान ईरान ने सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइलें और हजार से अधिक ड्रोन दागे थे. इन हमलों से इजरायल को भारी नुकसान हुआ था और लाखों लोगों को शेल्टर में छिपना पड़ा था. अब ईरान अपनी मिसाइल क्षमताओं को और ज्यादा घातक बना रहा है.

क्या चीन से ले रहा गुप्त तकनीकी की मदद?

विश्लेषकों का दावा है कि चीन की गुप्त तकनीकी मदद से ईरान अपनी मिसाइलों को अपग्रेड कर रहा है. इससे एक साथ दस गुना ज्यादा बैलिस्टिक और हाइपरसोनिक मिसाइलें दागी जा सकती हैं. रिपोर्ट में बताया गया है कि ईरान की मिसाइल प्रोडक्शन लाइनें 24 घंटे लगातार चल रही हैं.

देश में अशांति के बावजूद हथियार निर्माण पर कोई असर नहीं पड़ा है. इजरायली सुरक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगला युद्ध केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रहेगा. तेल प्रतिष्ठानों और इस्लामिक शासन के केंद्र भी निशाने पर आ सकते हैं.

विशेषज्ञों ने क्या बताया?

विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान के पास करीब 400 किलोग्राम 60 प्रतिशत तक समृद्ध यूरेनियम मौजूद है. अगर इसे 90 प्रतिशत तक समृद्ध किया जाए तो इससे कई परमाणु बम बनाए जा सकते हैं. इस स्थिति में मध्य पूर्व के साथ साथ पूरी दुनिया में तनाव बढ़ना तय माना जा रहा है.