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'ईरान बातचीत चाहता है, लेकिन...', जंग के बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने किया बड़ा दावा

अमेरिका-इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमले के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है. इस जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है. अमेरिकी राष्ट्रपति के अनुसार, ईरान बातचीत चाहता है लेकिन अब देर हो चुकी है.

Anuj

नई दिल्ली: अमेरिका-इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमले के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है. इस जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है. अमेरिकी राष्ट्रपति के अनुसार, ईरान बातचीत चाहता है लेकिन अब देर हो चुकी है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हालिया हमलों के बाद ईरान की सैन्य क्षमता पूरी तरह से खत्म हो चुकी है. ट्रंप के मुताबिक, अब ईरान के पास न तो प्रभावी एयर डिफेंस सिस्टम बचा है, न एयर फोर्स, न नौसेना और न ही मजबूत नेतृत्व. उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे हालात में अगर ईरान बातचीत की इच्छा जताता है तो यह काफी देर से उठाया गया कदम है.

'ईरान की सैन्य और नेतृत्व क्षमता खत्म'

ट्रंप का यह बयान संघर्ष के चौथे दिन सामने आया है, जब दोनों देशों के बीच हमलों का सिलसिला जारी है. सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने संदेश में उन्होंने लिखा कि ईरान की सैन्य और नेतृत्व क्षमता समाप्त हो चुकी है और अब वार्ता की पेशकश का कोई अर्थ नहीं रह गया है.

ईरान का नरम रुख

वहीं, दूसरी तरफ ईरान की ओर से नरम रुख देखने को मिला है.ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता आयतुल्ला सैयद अली खामेनेई के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल माजिद हकीम इलाही ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि  उनका देश 'सम्मानजनक और समान शर्तों' पर बातचीत के लिए तैयार है. उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी संभावित वार्ता का ढांचा ऐसा होना चाहिए जिसमें किसी प्रकार का दबाव न हो और ईरान के अधिकारों का सम्मान सुनिश्चित किया जाए.

'ईरान हमेशा शांति के पक्ष में रहा'

डॉ. इलाही ने यह भी कहा कि ईरान हमेशा संवाद का पक्षधर रहा है, लेकिन अमेरिका की पिछली कार्रवाइयों ने आपसी विश्वास को कमजोर किया है. उनके अनुसार, ईरान की क्षेत्रीय गतिविधियां आत्मरक्षा के दायरे में आती हैं और किसी भी बातचीत का अंतिम उद्देश्य स्थायी शांति होना चाहिए, न कि शक्ति के आधार पर शर्तें थोपना.  इस बीच क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता भी बढ़ गई है और वैश्विक स्तर पर हालात पर नजर रखी जा रही है.