नई दिल्ली: ओमान के रणनीतिक रूप से अहम डुक्म कमर्शियल पोर्ट पर मंगलवार को ड्रोन हमला हुआ. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एक ड्रोन सीधे ईंधन टैंक से टकराया. 48 घंटे में यह दूसरा हमला है. हमले में किसी की मौत नहीं हुई, लेकिन क्षेत्रीय ऊर्जा और समुद्री ढांचे पर खतरा गहराया है.ओमान ने ड्रोन हमले की कड़ी निंदा की और कहा कि घटना से निपटने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे है.
डुक्म पोर्ट पर 48 घंटे से भी कम समय में यह दूसरा हमला है.रविवार को भी दो ड्रोन इस इलाके में गिरे थे.एक ड्रोन श्रमिकों के लिए इस्तेमाल हो रहे मोबाइल आवास से टकराया था, जिससे एक विदेशी नागरिक घायल हुआ.
दूसरा ड्रोन ईंधन भंडारण टैंकों के पास गिरा था. अब तक ओमान उन हमलों से बचा रहा था, जो ईरान द्वारा अपने सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद खाड़ी देशों बहरीन, यूएई, कतर और सऊदी अरब पर किए जा रहे हैं, लेकिन इन घटनाओं ने संकेत दिया है कि ओमान भी अब इस बढ़ते संघर्ष की जद में आ गया है.
क्षेत्र में ऊर्जा अवसंरचना पर लगातार दबाव बढ़ रहा है. कतर ने अपने एलएनजी उत्पादन को रोक दिया है, जो वैश्विक आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत है.सऊदी अरब ने अपनी सबसे बड़ी घरेलू रिफाइनरी का संचालन रोक दिया है. इजराइल के प्रमुख गैस क्षेत्र भी बंद है. इराक के कुर्द क्षेत्र में भी तेल और गैस उत्पादन का बड़ा हिस्सा निलंबित कर दिया गया है. हाल के दिनों में ईरान ने टर्मिनलों, बंदरगाहों और हवाई अड्डों को निशाना बनाया है.
ओमानी तट के पास व्यावसायिक जहाजों पर भी हमले हुए हैं. मस्कट से करीब 52 समुद्री मील दूर मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाले जहाज एमकेडी व्योम पर ड्रोन बोट ने हमला किया, जिससे आग और इंजन कक्ष में विस्फोट हुआ. इस घटना में एक भारतीय नाविक की मौत हुई और लगभग 20 लोग घायल हुए.
मुसंदम प्रायद्वीप के पास पलाऊ के झंडे वाले ऑयल टैंकर स्काइलाइट पर हमले में दो भारतीय चालक दल के सदस्यों की मौत और तीन अन्य घायल हुए. जहाज पर कुल 21 सदस्य सवार थे, जिनमें 16 भारतीय थे. ओमान ने तत्काल युद्धविराम की अपील दोहराई है और कहा है कि स्थिति नियंत्रण में है.