क्या नहीं रहे इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू? खामेनेई की मौत का बदला लेने के लिए ईरान ने ऑफिस पर किया घातक हमला
सोमवार को ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय और इजरायली एयरफोर्स के मुख्यालय पर हमला किया.
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद अमेरिका इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष और तेज हो गया है. सोमवार को ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय और इजरायली एयरफोर्स के मुख्यालय पर हमला किया. IRGC ने कहा कि इस हमले में नेतन्याहू का क्या हुआ यह अभी तक स्पष्ट नहीं है.
आईआरजीसी ने अपने एक बयान में कहा, 'दसवीं लहर के दौरान खैबर शेकान बैलिस्टिक मिसाइलों से इजरायल के अपराधी प्रधानमंत्री नेतन्याहू के कार्यालय और देश के वायु सेना कमांडर के ठिकाने लक्षित और आश्चर्यजनक हमलों में निशाना बनाया गया.'
खामेनेई की हत्या से बौखलाया ईरान
बता दें कि एक दिन पहले इजरायल के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हमलों में मौत हो गई थी. इसके बाद ईरान ने अपने सर्वोच्च नेता की मौत का बदला लेने की कसम खाई थी. ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा था कि वे अपने दुश्मन को होपलैस कर देंगे. इसके बाद से तीनों देशों के बीच हमले तेज हो गए हैं.
ईरान की परमाणु सुविधाओं से रेडियोलॉजिकल रिलीज का खतरा
इसी बीच यूएन की परमाणु निगरानी संस्था के प्रमुख राफेल मारियानो ग्रॉसी ने कहा है कि ईरान की परमाणु सुविधाओं के चारों तरफ स्थिति बेहद चिंताजनक है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इन परमाणु सुविधाओं से रेडियोलॉजिकल रिलीज का खतरा बढ़ गया है और अगर ऐसा हुआ तो इसके बहुत ही घातक परिणाम हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि ईरान के परमाणु नियामक प्राधिकरण से संपर्क करने के प्रयास जारी हैं लेकिन अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
वहीं आईएईए में ईरान के राजदूत रजा नजाफी ने दोहराया कि अमेरिका और इजरायली सेनाओं ने कल ईरान की न्यूक्लियर साइटों पर हमला किया था. उन्होंने स्पष्ट किया कि नतान्ज सुविधा को निशाना बनाया गया. वहीं इजरायल ने अभी तक नतान्ज या नेतन्याहू के दफ्तर पर हुए हमले की पुष्टि नहीं की है.
जंग में कूदा हिजबुल्लाह
वहीं ईरान द्वारा समर्थित चरमपंथी समूह हिजबुल्लाह भी इस जंग में कूद पड़ा है. सोमवार तड़के हमला किया. लेबनान की राजधानी बेरूत में धमाकों की आवाज सुनाई दी. वहीं इजरायल के मिलिट्री चीफ स्टॉफ ने लोगों से अपील की है कि वे लंबे चलने वाले संघर्ष के लिए तैयार रहें. हिजबुल्लाह के हमले के जवाब में इजरायल ने दक्षिण बेरूत स्थित हिजबुल्लाह से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया. लेबनान के प्रशासन ने कहा कहा कि इन हवाई हमलों में करीब 31 लोगों की मौत हुई है. आज इस संघर्ष को शुरू हुए तीसरा दिन है. अगर अमेरिका और ईरान के बीत बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंची तो यह युद्ध लंबा खिंच सकता है.