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India Daily

सोनिया गांधी ने की खामेनेई की हत्या पर संसद में खुली बहस की मांग, केंद्र की विदेश नीति और चुप्पी पर उठाए सवाल

सोनिया गांधी ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या पर केंद्र सरकार की चुप्पी को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए संसद में बहस की मांग की है. कांग्रेस ने इस हमले की निंदा की और वैश्विक परिणामों पर चिंता जताई.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
सोनिया गांधी ने की खामेनेई की हत्या पर संसद में खुली बहस की मांग, केंद्र की विदेश नीति और चुप्पी पर उठाए सवाल
Courtesy: pintrest

नई दिल्ली में कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने मंगलवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली हुसैनी खामेनेई की टारगेट किलिंग पर भारत की चुप्पी को विदेश नीति की दिशा और विश्वसनीयता पर सवाल उठाने वाला बताया.

इंडियन एक्सप्रेस में छपे उनके लेख में कहा गया कि 1 मार्च को ईरान ने इस हत्या की पुष्टि की, जो अमेरिका और इजराइल के हमलों में हुई. सरकार ने न तो हत्या की निंदा की और न ईरान की संप्रभुता उल्लंघन पर कुछ बोला. सोनिया ने संसद के बजट सत्र के दूसरे हिस्से में इस मुद्दे पर खुली बहस की मांग की है.

सरकार की चुप्पी पर सवाल

सोनिया ने लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के जवाबी हमले पर तो निंदा की, लेकिन अमेरिका-इजराइल के हमलों की अनदेखी की. उन्होंने सिर्फ संवाद और कूटनीति की बात की, जबकि हमले से पहले बातचीत चल रही थी. यह चुप्पी तटस्थता नहीं, बल्कि जिम्मेदारी से मुंह मोड़ना है. इससे भारत की विदेश नीति पर संदेह पैदा होता है.

अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन

उन्होंने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 2(4) का हवाला दिया, जो किसी देश की क्षेत्रीय अखंडता पर हमले को प्रतिबंधित करता है. बिना युद्ध घोषणा के एक देश के नेता की हत्या अंतरराष्ट्रीय मानदंडों का उल्लंघन है. अगर दुनिया की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक देश भारत ऐसी घटनाओं पर चुप रहेगा, तो वैश्विक नियमों का ह्रास आसान हो जाएगा.

इजराइल यात्रा का समय

सोनिया ने कहा कि हत्या से 48 घंटे पहले मोदी इजराइल से लौटे थे, जहां उन्होंने नेतन्याहू सरकार को बिना शर्त समर्थन दिया. गाजा में नागरिक मौतों पर वैश्विक गुस्सा है, लेकिन भारत ने नैतिक स्पष्टता नहीं दिखाई. ब्रिक्स भागीदार रूस और चीन ने दूरी बनाई, लेकिन भारत का रुख अलग है, जो चिंताजनक है.

कांग्रेस की स्थिति

कांग्रेस ने ईरान पर हमलों की कड़ी निंदा की और शिया समुदायों को संवेदना दी. सोनिया ने कहा कि भारत की विदेश नीति संविधान के अनुच्छेद 51 पर आधारित है, जो शांतिपूर्ण समाधान, गैर-हस्तक्षेप और समानता पर जोर देती है. वर्तमान चुप्पी इन सिद्धांतों से मेल नहीं खाती.