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India Daily

'पाकिस्तान खेल रहा डबल गेम', ईरान ने आर्मी चीफ असीम मुनीर पर साधा निशाना; पक्षपात का लगाया आरोप

ईरानी सरकारी मीडिया ने पाकिस्तान पर अमेरिका-ईरान वार्ता में दोहरा खेल खेलने का आरोप लगाया है. आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर को सीधा निशाना बनाते हुए ईरान ने मध्यस्थता में पक्षपात का आरोप लगाया.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
'पाकिस्तान खेल रहा डबल गेम', ईरान ने आर्मी चीफ असीम मुनीर पर साधा निशाना; पक्षपात का लगाया आरोप
Courtesy: pintrest

नई दिल्ली: ईरान के सरकारी मीडिया ने पाकिस्तान पर असाधारण रूप से तीखा और खुला हमला बोला है. उसे अमेरिका-ईरान वार्ता में मध्यस्थ की भूमिका निभाते हुए दोहरा खेल खेलने का आरोप लगाया गया है. ईरानी मीडिया ने पाकिस्तानी आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर को सीधे टारगेट किया. तेहरान का कहना है कि पाकिस्तान वाशिंगटन के साथ खड़ा दिख रहा है लेकिन ईरान के साथ भी संबंध बनाए रख रहा है, जिसे ईरान धोखा मान रहा है. ईरान ने दावा किया कि उसका 10 सूत्री प्रस्ताव पाकिस्तान के जरिए अमेरिका भेजा गया था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला.

पाकिस्तान पर दोहरा खेल का आरोप

ईरानी मीडिया का आरोप है कि पाकिस्तान अमेरिका के साथ मिलकर ईरान की बातचीत की स्थिति कमजोर कर रहा है. तेहरान के विश्लेषक कहते हैं कि इस्लामाबाद तटस्थता का दिखावा कर रहा है, जबकि वास्तव में वह अमेरिकी पक्ष ले रहा है. ईरान का कहना है कि पाकिस्तान ने उसके प्रस्ताव को दरकिनार कर 15-16 नई अमेरिकी मांगों को आगे बढ़ाना शुरू कर दिया है.

आर्मी चीफ आसिम मुनीर पर सीधा निशाना

ईरानी टीवी डिबेट में जनरल असीम मुनीर को खासतौर पर घेरा गया. ईरान ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान की सेना प्रमुख ने मध्यस्थता की आड़ में तेहरान के प्रस्ताव को कमजोर किया. यह सार्वजनिक हमला पाकिस्तान और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को साफ दर्शाता है.

10 सूत्री प्रस्ताव को अनदेखा करने का आरोप

ईरान का दावा है कि उसका औपचारिक 10 सूत्री फ्रेमवर्क पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका पहुंचाया गया था, जिसे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने स्वीकार भी किया था. लेकिन अब पाकिस्तान इसे नजरअंदाज कर अमेरिकी नई शर्तों को प्राथमिकता दे रहा है. ईरानी मीडिया ने इसे ईरान की सौदेबाजी की स्थिति खराब करने की कोशिश बताया.

ईरान-अमेरिका वार्ता ठप

अमेरिका-ईरान वार्ता वर्तमान में बेहद नाजुक दौर से गुजर रही है. अमेरिका ने युद्धविराम को अनिश्चितकाल तक बढ़ा दिया है, लेकिन ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक ब्लॉकेड जारी रखा है. ईरान इसे समझौते का उल्लंघन और युद्ध की कार्रवाई बता रहा है. तेहरान कहता है कि वह धमकी या दबाव में बातचीत नहीं करेगा.