ईरान में तनाव के माहौल के बीच दक्षिण ईरान में आज यानी गुरुवार को 5.5 की तीव्रता से भूकंप के झटके आए हैं. इस झटके से स्थानिय लोगों में डर का माहौल बन गया. जर्मनी की भू-विज्ञान अनुसंधान केंद्र ने आज आए इस भूकंप की गहराई लगभग 10 किलोमीटर मापी है.
भूकंप की गहराई काफी कम रही, जिसकी वजह से लोगों को सतह पर झटके ज्यादा तेज महसूस हुए हैं. हालांकि इस देश में चल रहे जंग के माहौल के बीच भूकंप आने के पीछे कई आरोप लगाए जा रहे हैं. लोगों के मन में फिर से यह सवाल आना शुरु हो गया कि जंग के माहौल में कहीं ये न्यूक्लियर टेस्ट तो नहीं है?
दक्षिण ईरान के जिन इलाकों में भूकंप के झटके महसूस हुए हैं, वहां के लोगों में डर का माहौल है. इमरजेंसी सर्विस को अलर्ट मोड पर रखा गया है. अधिकारियों ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. इस भूकंप को प्राकृतिक मानी जा रही है, लेकिन कुछ लोगों ने इसे गंभीर नजरों से भी देखा है.
टेंशन के माहौल के बीच इसे रॉकेट टेस्टिंग और सैन्य गतिविधियों से भी जोड़ा जा रहा है. सोशल मीडिया पर लोगों ने सवाल उठाने शुरु कर दिए हैं. कुछ लोगों का अनुमान जताया है कि कहीं अमेरिका के साथ लड़ाई शुरु करने से पहले कहीं सीक्रेट न्यूक्लियर टेस्ट तो नहीं कर रहा है. हालांकि इसे लेकर कोई भी सबूत या रिपोर्ट अब तक सामने नहीं आया है, ऐसे में ऐसे आरोप लगाना सही नहीं है.
ईरान में पहले भी कुछ-कुछ समय के अंतराल पर इस तीव्रता के भूकंप झटके महसूस हुए हैं. दक्षिण ईरान में अक्सर भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. इसे भूकंपीय रूप से सक्रिय क्षेत्र कहा जाता है, जहां टेक्टोनिक प्लेटों में हलचल की वजह से झटके महसूस होते रहते हैं. वहां के लोग और सुरक्षा एजेंसियां दोनों ही अलर्ट मोड पर है. एक ओर जंग का माहौल और दूसरी तरफ प्राकृतिक घटना इस समय तेहरान के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी सकती है. प्रशासन की ओर से लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. साथ ही किसी भी तरह के अफवाहों पर ध्यान ना देने की सलाह दी गई है.