नई दिल्ली: एपस्टीन से जुड़े विवादों में नाम सामने आने के बाद ब्रिटेन में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई हुई है. ब्रिटेन के पूर्व प्रिंस एंड्रयू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.
रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को ब्रिटेन की विशेष पुलिस टीम ने पूर्वी इंग्लैंड के सैंड्रिंघम एस्टेट स्थित वुड फार्म से एंड्रयू को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तारी के लिए पुलिस के आठ अधिकारी सादे कपड़ों में पहुंचे थे. संयोग से उसी दिन एंड्रयू का 66वां जन्मदिन भी था.
प्रिंस एंड्रयू पर आरोप है कि उन्होंने यौन अपराधों के दोषी जेफरी एपस्टीन को कुछ सरकारी और गोपनीय दस्तावेज उपलब्ध कराए थे. पुलिस इसी आरोप की जांच कर रही है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आखिर कौन-कौन से संवेदनशील दस्तावेज एपस्टीन तक पहुंचे और यह काम किस तरह हुआ.
हालांकि, एंड्रयू ने इन सभी आरोपों को लगातार गलत बताया है और कहा है कि उन्होंने कोई नियम नहीं तोड़ा. इसी विवाद के कारण उन्होंने अक्टूबर 2025 में 'ड्यूक ऑफ यॉर्क' की उपाधि छोड़ने का फैसला लिया था, जो ब्रिटिश शाही परिवार की महत्वपूर्ण उपाधियों में गिनी जाती है.
प्रिंस एंड्रयू, ब्रिटेन की दिवंगत महारानी क्वीन एलिजाबेथ II और प्रिंस फिलिप की तीसरी संतान हैं. वह वर्तमान में ब्रिटिश सिंहासन के उत्तराधिकार क्रम में आठवें स्थान पर माने जाते हैं. वह किंग चार्ल्स III और राजकुमारी ऐनी के छोटे भाई हैं. उनकी शादी सारा फर्ग्यूसन से हुई थी, जिन्हें विवाह के बाद डचेस ऑफ यॉर्क की उपाधि मिली. बाद में दोनों का तलाक हो गया, हालांकि उनके संबंध मित्रतापूर्ण बताए जाते हैं. उनकी दो बेटियां हैं.
एंड्रयू ने लगभग 22 वर्ष तक रॉयल नेवी में सेवा दी. 1982 के फॉकलैंड युद्ध के दौरान उन्होंने हेलिकॉप्टर पायलट के रूप में काम किया. वर्ष 2001 में वह कमांडर के पद से सक्रिय सेवा से सेवानिवृत्त हुए. बाद में उन्हें मानद रूप से रियर एडमिरल और फिर वाइस एडमिरल की पदोन्नति दी गई.
नेवी सेवा के अलावा उन्होंने कूटनीतिक भूमिकाएं भी निभाई. ब्रिटेन सरकार ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निवेश के लिए विशेष प्रतिनिधि बनाया था. 2011 से 2019 के बीच वह शाही परिवार के सक्रिय सदस्य के रूप में कई आधिकारिक कार्यक्रमों और अभियानों में शामिल रहे. अब उनकी गिरफ्तारी से ब्रिटिश शाही परिवार और राजनीति दोनों में हलचल मच गई है.